सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा में हुए हालिया बदलाव पर स्वतः संज्ञान लिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की अवकाशकालीन पीठ कल इस मामले में सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा में हुए हालिया बदलाव पर स्वतः संज्ञान लिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की अवकाशकालीन पीठ कल इस मामले में सुनवाई करेगी।
बता दे कि पर्यावरण संगठनों ने चेतावनी दी है कि इससे खनन और निर्माण गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अरावली क्षेत्र की अस्पष्ट परिभाषा पहले भी अवैध खनन का कारण बनी है। कोर्ट ने पहले एक समिति बनाकर खनन को नियंत्रित करने के निर्देश दिए थे।
अरावली पहाड़ियां पर्यावरण संतुलन, भूजल संरक्षण और मरुस्थलीकरण रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं।




