बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई में हुए विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुईं, जिससे देशभर में तनाव व्याप्त हो गया।
हालांकि शुक्रवार सुबह किसी हिंसक घटना की जानकारी नहीं मिली, लेकिन बृहस्पतिवार रात को जैसे ही मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इंकलाब मंच के नेता हादी की मौत की पुष्टि की, देश के विभिन्न भागों में हमले और तोड़फोड़ शुरू हो गए।
इससे पहले इंकलाब मंच ने हादी की मृत्यु की घोषणा की थी, उनका शव शाम तक घर लाया जाएगा।हादी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में एक उम्मीदवार थे। छह दिन तक जिंदगी-मौत के बीच जंग लड़ने के बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिछले सप्ताह उन्होंने मध्य ढाका के विजयनगर इलाके में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की थी, तब एक नकाबपोश बंदूकधारी ने उनके सिर में गोली मार दी थी।
बृहस्पतिवार को प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और समाचार पत्रों के कार्यालयों पर हमला कर दिया। इसके अलावा उन्होंने बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के आवास ‘32 धानमंडी’ पर भी तोड़फोड़ की।
प्रदर्शनकारियों ने चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर रात 1:30 बजे पथराव भी किया, हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
Devastation at Dainik Prothom Alo Newspaper in Dhaka, Bangladesh. Office being ransacked and gutted by radical mob. pic.twitter.com/ZQjEfqws7X
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) December 18, 2025
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया और 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सहायक उच्चायुक्त की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ‘स्टूडेंट अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ नामक संगठन के राजनीतिक संगठन ‘नेशनल सिटिजन पार्टी’ (एनसीपी) ने ढाका विश्वविद्यालय के परिसर में हुए मातमी जुलूस में हिस्सा लिया।
समूह के समर्थकों ने भारत विरोधी नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि हादी पर हमला करने वाला व्यक्ति वारदात को अंजाम देकर भारत भाग गया। हादी के समर्थकों ने अंतरिम सरकार से हमलावर को वापस लाए जाने तक भारतीय उच्चायोग बंद करने की मांग की।
एनसीपी के एक प्रमुख नेता सरजिस आलम ने कहा, “जब तक भारत हादी पर हमला करने वाले को लौटा नहीं देता तब तक अंतरिम सरकार को बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग बंद कर देना होगा। अभी नहीं तो कभी नहीं। हम युद्ध की स्थिति में हैं।
ढाका में, प्रदर्शनकारियों ने एक प्रमुख सांस्कृतिक समूह ‘छाया नाट’ के कार्यालय पर हमला किया और फर्नीचर बाहर निकाल कर आग लगा दी। देश के अन्य हिस्सों से भी हिंसा की खबरें हैं।
प्रदर्शनकारियों का हिस्सा माने जा रहे एक समूह ने राजधानी के कारवां बाजार में बांग्ला समाचारपत्र ‘प्रथम आलो’ और पास स्थित ‘डेली स्टार’ के कार्यालयों पर हमला किया।
खबरों के अनुसार, उन्होंने कई मंजिलों में तोड़फोड़ की। इस दौरान पत्रकार और समाचारपत्र के कर्मचारी अंदर फंसे रहे और समूह ने इमारत के सामने आग लगा दी।
अपने संबोधन में, युनूस ने हादी की निर्मम हत्या में शामिल लोगों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, “हत्यारों के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी। यूनुस ने कहा,“मैं सभी नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं।



