गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरवा में मां-बेटी की हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पीड़ितों को जानता था और अक्सर उनके घर आता-जाता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी रितेश, विमला (55) को अपनी ‘चाची’ कहता था और उनके साथ पारिवारिक परिचित जैसा व्यवहार करता था। जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने इसी भरोसे का दुरुपयोग करते हुए एक योजनाबद्ध डकैती को अंजाम दिया और 24 नवंबर को विमला और उसकी मां शांति देवी की हत्या कर दी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) अभिनव त्यागी ने बताया कि आरोपी ने पहले दोनों महिलाओं को शराब पिलाई। जब वे नशे में धुत हो गईं, तो उसने कथित तौर पर उन पर हथौड़े से हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई और वह घर में रखे लगभग 4.5 लाख रुपये नकद और एक सोने का कंगन लेकर फरार हो गया।
पुलिस ने कहा कि रेलवे कर्मचारी के बेटे रितेश पर कर्ज़, ऑनलाइन ऐप्स पर ईएमआई चुकाने और अपनी प्रेमिका पर भारी खर्च करने का आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। उसके अचानक खर्च करने के तरीके ने संदेह पैदा किया और जांचकर्ताओं को उसका पता लगाने में मदद मिली।
पुलिस ने लगभग 800 सीसीटीवी कैमरों की जांच की, 200 से ज़्यादा मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया और कई स्थानीय लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद रजत के फ़ोन लोकेशन, खर्च और व्यवहार से उसकी संलिप्तता का पता चला।
पुलिस ने बताया कि रितेश ने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया। पिघला हुआ सोना, नकदी तथा अपराध में इस्तेमाल हथियार और मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है।




