अयोध्या के थाना पुराकलंदर के ग्राम चांदपुर हरवंश में पुरातत्व विभाग में रजिस्टर्ड मंदिर पर के रास्ते एव शंकर जी के कुओ को पाटकर राम तीरथ सैनी एव पुत्र संजय सैनी, आदि निरंतर कब्ज़ा करने की कोशिश में लगे है।

आज अभी भी थानेदार के निर्देश के बाद रात में भी निर्माण जारी है। चौकी प्रभारी गजा ने इसे राजस्व विवाद बताकर इति कर ली है।
एसडीएम का आदेश, मंदिर के रास्ते को बंद कर रात में हो रही चुनाई??
बताया जाता है उक्त लोगो ने फर्जी नामो से सिविल कोर्ट में मुकदमा का कर कुछ आदेश भी पारित कराया है। सूत्रों के अनुसार जिस नाम से आदेश है व खतौनी में है ही नही! 2006 में मृत हुए व्यकित को कोर्ट में जिन्दा रखा गया।
पढ़े आवेदन
श्रीमान थानाध्यक्ष महोदय,
थाना पूराकलन्दर, अयोध्या ।
विषयः ग्राम चाँद पुर हरवंश, परगना हवेली अवध में पुलिस द्वारा नये निर्माण को रोके जाने के बावजूद प्रतिवादी गण रामतीरथ सैनी, शत्रुघ्न सैनी एवं अन्य द्वारा निरंतर अवैध निर्माण जारी रखने के संबंध में ।
महोदय,
सादर अवगत कराना है कि प्रार्थी द्वारा आप के समक्ष थाना दिवस दिनांक १४.१०.२०२५ को उपस्थित होकर उक्त अवैध निर्माण की शिकायत की गई । अग्रेतर प्रार्थी द्वारा दिनांक १५.१०.२०२५ को उपजिलाधिकारी सदर अयोध्या को एक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिंस उपजिलाधिकारी द्वारा रा॰वि॰ एवं थानाध्यक्ष पूराकलन्दर को निम्नलिखित निर्देश/आदेश दिया गया ।
‘कृ॰ प्रकरण की जाँच करें । यदि सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध किया जा रहा है तो वैधानिक कार्यवाही करें ।’
उक्त के क्रम में प्रार्थी मय चौकी इंचार्ज गंजा मौक़े पर पहुँचे , चौकी इंचार्ज द्वारा तत्काल नवीन निर्माण रोककर के राजस्व कर्मियों की टीम द्वारा वस्तुस्थिति के निर्धारण किए जाने तक यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया गया । इस सम्बन्ध में माननीय प्रधानमंत्री के आगमन को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक ३०.१०.२०२५ तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश प्रतिवादी गण को दिया गया परंतु प्रतिवादी गण द्वारा निरंतर सक्षम अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है और निरंतर निर्माण कार्य कर यथास्थिति बदलने की कार्यवाही की जा रही है ।
प्रकरण का संक्षिप्त तथ्य यह है कि प्रार्थी के पिता द्वारा सक्षम प्राधिकारी द्वारा वर्ष २००६ में हदबरारी का आदेश पारित कराया गया । विपक्षी गण कमिश्नर के न्यायालय में इसकी अपील की गई ।उक्त अपील प्रार्थी के पक्ष में निस्तारित् कर दी गई । यह भी अवगत कराना है कि राजस्व रिकॉर्ड में गाटा संख्या ३३० के ३३०क,३३०ग,३३० मि, ३३०/५५४, ३३० ड़ और ३३० घ कुल इतने विभाजन है एवं ३३० च जैसा कोई उपविभाजन नहीं है । उक्त गाटों में अतुल नारायण, मुकुल नारायण, विपुल नारायण, जगाई, रामलखन, रामशंकर, शिवशंकर, साधु, राजा राम, आशाराम, राकेश, सुरेन्द्र, वीरेंद्र,जितेंद्र, दुर्गादेवी, अजय, सुनीता देवी, रामजी, अनिल,अरुण, दीपक, सुनील, शिवप्रसाद,चंद्रिका दास, जगदीश कुमार, राजेन्द्र, शोभा दास और तालाब के नाम दर्ज है । प्रतिवादी के पूर्वजों अथवा वंशजों में से किसी भी का नाम फ॰१३५९ से वर्तमान फ॰१३२६ तक राजस्व रिकॉर्ड में कहीं भी दर्ज नहीं है । सुलह संदर्भ हेतु राजस्व रिकॉर्ड की छायाप्रति संलग्न है । प्रतिवादियों द्वारा कपटपूर्ण ढंग से कूटरचित दस्तावेज तैयार करके माननीय न्यायालय सिविल जज ( जू॰डि॰ ) सदर अयोध्या से एक एकपक्षीय निषेधाज्ञा आदेश जारी कराया गया है जिसमें उक्त गाटे के कोई भी अंशधारकों का नाम शामिल नहीं है । केवल इसी आधार पर उक्त निषेधाज्ञा void ab intio एवं लागू किये जाने योग्य नहीं है । साथ ही माननीय न्यायालय ने उक्त भूमि का स्वामित्व कहीं भी प्रतिपक्षी गण को नहीं दिया गया है इसलिए नए निर्माण द्वारा यथास्थिति बदलने का प्रयास घोर अपराध है ।
अतएव उक्त घटनाक्रम के परिपेक्ष्य में आपसे निवेदन है कि सरकारी पिलर को बिना कि किसी अधिकार के गिराने, सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण करने, सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने और कूटरचित दस्तावेज बनाकर अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करने के कारण प्रतिवादी गण रामतीरथ सैनी, शत्रुघ्न सैनी, संजय सैनी निवासी ग्राम चाँदपुर हरवंश एवं अन्य सहयोगियों के विरुध्द भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुक़दमा पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की जाए ।
सधन्यवाद,
प्रार्थी गण
प्रांजल श्रीवास्तव
विपुल नरायन श्रीवास्तव
५/१६/१/३, जमुनियॉंबाग
अयोध्या ।
मोबाइल 8400755764
प्रतिलिपि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित ।




