नयी दिल्ली, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) उच्चतर शिक्षा संस्थानों में दाखिला और सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए देश में विभिन्न स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदान किये गए 10वीं और 12वीं कक्षाओं के प्रमाणपत्रों को समान मान्यता देगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह अधिसूचना शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा ई-गजट में प्रकाशित की गई है।
अधिसूचना 15 नवंबर 2021 की पूर्व अधिसूचना का स्थान लेती है, जिसमें यह दायित्व भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) को सौंपा गया था।
शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘एनसीईआरटी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्थापित राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र, प्रदर्शन मूल्यांकन, समग्र विकास के लिए ज्ञान की समीक्षा और विश्लेषण (परख) के माध्यम से इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘यह संस्थागत तंत्र यह सुनिश्चित करेगा कि समतुल्यता का निर्धारण एक मजबूत और अकादमिक रूप से कठोर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए, जो उच्चतम शैक्षिक मानकों को बनाए रखे।’’
अधिसूचना यह सुनिश्चित करती है कि एनसीईआरटी द्वारा दी गई समतुल्यता अखिल भारतीय स्तर पर मान्य होगी और इससे भारत में स्कूल बोर्ड के बीच स्वत: समानता आएगी, जिससे देश भर के छात्रों के लिए अंतर-स्कूल शिक्षा बोर्ड स्थानांतरण में आसानी होगी।


