नयी दिल्ली, 15 अगस्त से निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए फास्टैग वार्षिक पास शुरू होने के कारण उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह में अंतर के लिए राजमार्ग टोल प्लाजा संचालकों को एनएचएआई से तीन महीने तक मुआवज़ा मिलेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2024-25 में 72,931 करोड़ रुपये टोल से एकत्र किए।
इस सरकारी एजेंसी ने कहा, ‘‘यह व्यवस्था मौजूदा अनुबंधों के साथ-साथ अगले तीन महीनों में आमंत्रित बोलियों के लिए भी लागू होगी। तीन महीने बाद, यानी जब प्रत्येक टोल प्लाजा पर वार्षिक पास उपयोग की जानकारी उपलब्ध होगी, बोलीदाताओं को बोली दस्तावेज़ में इन वार्षिक पास के आंकड़ों के बारे में सूचित किया जाएगा और उन्हें वार्षिक पास के लिए उचित रूप से बोली लगाने के लिए कहा जाएगा और उसके बाद कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।’’
एनएचएआई ने बताया कि वार्षिक पास योजना के तहत टोल प्लाजा से गुजरने वाली कारों/वैन/जीप (गैर-व्यावसायिक वाहनों) की संख्या एनपीसीआई द्वारा आईएचएमसीएल के माध्यम से उपलब्ध कराए गए वास्तविक लेनदेन के आंकड़ों के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
फास्टैग वार्षिक पास, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लगभग 1,150 टोल संग्रह बूथ पर लागू है, जिससे उपयोगकर्ता 3,000 रुपये के एकमुश्त भुगतान पर एक वर्ष में 200 टोल प्लाजा पार कर सकते हैं।
इस सुविधा को देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं से जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली है।
यह पास वैध फास्टैग वाले सभी गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए लागू है और राजमार्गयात्रा ऐप या एनएचएआई वेबसाइट का उपयोग करके एकमुश्त भुगतान के दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है।


