अयोध्या, प्रयागराज-अयोध्या-लखनऊ रेल खंड पर मसौधा से सलारपुर के बीच प्रस्तावित कॉर्ड रेल लाइन (बाईपास) योजना के लिए तीन गांवों की 908 बिस्वा जमीन का अधिग्रहण प्रस्तावित है। जिसकी अधिसूचना जारी की गई है।
अयोध्या कैंट को बाईपास करने के लिए मसौधा और सलारपुर के बीच नई कार्ड लाइन का निर्माण होगा!
लखनऊ और सुल्तानपुर के बीच एक और रूट उपलब्ध होगा। वाया बाराबंकी, मसौधा होते हुए Lucknow NER, Gomtinagar, Sitapur, Mailani की ट्रेनें सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी जा सकेगी।

सूत्रों ने बताया प्रस्तावित रूट 11.4853 हेक्टेयर भूमि से होकर गुजरेगा। इसमें बनवीरपुर के 10, अब्बू सराय के 43 और गद्दोपुर के 65 गाटा की जमीनें चिह्नित की गई हैं।
अधिग्रहण के तहत अब तक 120 घरों और 150 खेतों की नापजोख हो चुकी है और मकानों पर अधिग्रहण के निशान भी लगा दिए गए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत और असमंजस की स्थिति है।
ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि मसौधा से सलारपुर तक एक वैकल्पिक रूट तय किया जाए, जो कम आबादी वाले खेतों से होकर गुजरे। इससे न सिर्फ पक्के मकान और उपजाऊ भूमि बचेगी, बल्कि मुआवजे व पुनर्वास की लागत भी घटेगी और निर्माण कार्य समय से पूरा हो सकेगा। उनका कहना है कि गद्दोपुर पहले से ही तीन ओर से रेल लाइनों से घिरा है। अब नई लाइन से क्षेत्र की भूमि और मकान प्रभावित होंगे।
उन्होंने अधिसूचना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए रेलवे अधिनियम के तहत केवल 30 दिन की आपत्ति अवधि दी गई है, जो इतनी बड़ी परियोजना के लिए अत्यंत कम है। गांव में ऐसे कई लोगों ने मकान बनवा रखे हैं जिन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी सारी कमाई लगा दी है। कई सैनिक परिवार भी यहां रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैकल्पिक इंतजाम के उन्हें उजाड़ा नहीं जाना चाहिए।


