बीरशेबा (इजराइल), ईरान और इजराइल के बीच संघर्षविराम लागू होने के कुछ वक्त के भीतर ही इजराइल ने दावा किया कि ईरान ने उसके हवाई क्षेत्र में मिसाइलें दागी हैं जिनका वह कड़ा जवाब देगा।
इजराइल के इस बयान के साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित अस्थायी संघर्षविराम पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
पश्चिम एशिया में जारी 12 दिनों के संघर्ष को समाप्त करने के लिए इजराइल और ईरान द्वारा संघर्षविराम को स्वीकार किए जाने के बाद मंगलवार सुबह उत्तरी इजराइल में विस्फोटों की आवाजें गूंजने लगीं और सायरन बजने लगे।
इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने मिसाइल हमलों को संघर्षविराम का उल्लंघन बताया और इजराइल की सेना को ‘‘तेहरान पर हमला करने और शासन के लक्ष्यों और आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए गहन अभियान’’ फिर से शुरू करने का निर्देश दिया।
⭕️"In light of the severe violation of the ceasefire carried out by the Iranian regime, we will respond with force."
-The Chief of the General Staff, LTG Eyal Zamir in a situational assessment now
— Israel Defense Forces (@IDF) June 24, 2025
संघर्षविराम समझौते की घोषणा मंगलवार सुबह की गई। इससे पहले ईरान ने सोमवार को कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी हमला किया था।
ट्रंप की घोषणा और संघर्ष विराम शुरू होने के बीच इजराइल ने भोर से पहले ईरान भर में हवाई हमलों की बौछार कर दी वहीं ईरान ने भी मंगलवार सुबह इजराइल पर मिसाइलों से हमला किया जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए।
इजराइल ने कहा कि उसने संघर्षविराम के कुछ घंटों बाद सुबह-सुबह मिसाइलों की बौछार को रोक दिया है। मिसाइल हमलों के बाद इजराइल के वित्त मंत्री बेत्ज़ेल स्मोट्रिच ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘तेहरान कांप उठेगा।
इजराइल पर सुबह मिसाइलों की बौछार उस वक्त हुई जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप के साथ समन्वय करते हुए इजराइल ने ईरान के साथ द्विपक्षीय संघर्षविराम पर सहमति जताई है।
नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने सोमवार रात को इजराइल की सुरक्षा कैबिनेट को बताया कि इजराइल ने ईरान के खिलाफ 12 दिनों के अभियान में अपने सभी युद्ध लक्ष्य हासिल कर लिए हैं जिसमें ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के खतरे को दूर करना भी शामिल है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ने ईरान के सैन्य नेतृत्व और कई सरकारी स्थलों को भी नुकसान पहुंचाया और तेहरान के आसमान पर नियंत्रण हासिल कर लिया। नेतन्याहू ने कहा, ‘‘ इजराइल संघर्षविराम के किसी भी उल्लंघन का जोरदार जवाब देगा।
सुबह चार बजे से कुछ पहले तक ईरानी शहरों में भारी इजराइली हमले जारी थे, वहीं ईरान के हमलों ने इजराइल के लोगों को सूरज उगने के साथ ही सुरक्षित ठिकानों पर जाने के लिए मजबूर कर दिया।
ईरान को हमले रोकने के लिए दी गई समय-सीमा समाप्त होने के एक घंटे बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया खाते ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘संघर्ष विराम अब प्रभावी है। कृपया इसका उल्लंघन न करें!।
ईरान के सरकारी टेलीविजन पर घोषणा की गई कि स्थानीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे समग्र संघर्षविराम शुरू हो गया है। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप की घोषणा के संबंध में कुछ नहीं कहा। इससे कुछ घंटे पहले ईरान के शीर्ष राजनयिक ने कहा था कि देश हवाई हमले रोकने के लिए तैयार है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा था, ‘फिलहाल किसी भी संघर्षविराम या सैन्य अभियानों की समाप्ति पर कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर इजराइल ईरान के लोगों के खिलाफ अपने अवैध आक्रमण हमारे समयानुसार सुबह चार बजे से पहले बंद कर दे, तो हमारा उसके बाद अपनी कार्रवाई जारी रखने का कोई इरादा नहीं है।
अरागची ने अपने संदेश में कहा था, ‘‘हमारे सैन्य अभियानों को रोकने पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।
इजराइल की सेना ने कहा कि संघर्षविराम शुरू होने से पहले ईरान ने इजराइल की ओर 20 मिसाइलें दागीं। पुलिस ने कहा कि हमले में बीरशेबा शहर में कम से कम तीन घनी आवासीय इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष को नाम दिया है ‘‘12 दिवसीय युद्ध’’ यह 1967 के पश्चिम एशिया युद्ध की याद दिलाता है, जिसे ‘‘छह दिवसीय युद्ध’’ के रूप में भी जाना जाता है। इसमें इजराइल ने मिस्र, जॉर्डन और सीरिया सहित अरब देशों से लड़ाई लड़ी थी।
ट्रंप का यह संदर्भ अरब जगत खास तौर पर फलस्तीनियों के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। 1967 के युद्ध में इजराइल ने जॉर्डन से वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम, मिस्र से गाजा पट्टी और सिनाई प्रायद्वीप और सीरिया से गोलन हाइट्स कब्जा लिया था । हालांकि बाद में इजराइल ने सिनाई को मिस्र को वापस दे दिया, लेकिन अन्य क्षेत्रों पर उसका अब भी कब्जा है।
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने संघर्षविराम सुनिश्चित करने के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ सीधे संवाद किया जबकि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष माध्यमों से ईरानी शासन से संवाद किया।
व्हाइट हाउस ने कहा है कि शनिवार को किए गए हमलों ने इजराइलियों को संघर्षविराम के लिए सहमत होने में मदद की और कतर सरकार ने इस समझौते में मध्यस्थता करने में मदद की।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की वार्ता में क्या भूमिका रही। उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर कहा था कि वह आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।


