अमेरिका फर्स्ट की नीति पर चल रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ के जरिये पूरे विश्व में हलचल मचा दी। चीन पर 104 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया। लेकिन, एक बार फिर से उन्होंने चौंका दिया है। ट्रंप ने टैरिफ पर 90 दिनों के लिए रोक लगा दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसके बावजूद उन्होंने चीन को राहत नहीं दी है। चीन पर 125 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है।
डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी 2025 को अमेरिका के राष्ट्रपति बने। इसके बाद से ही वह बड़े निर्णय ले रहे हैं। पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका को अलग करना, घुसपैठियों और शरणार्थियों से अमेरिका को बचाने के लिए आप्रवासन नीति कड़ी की। थर्ड जेंडर नीति को खत्म किया और इसके बाद बड़ा निर्णय लेते हुए टैरिफ की घोषणा की।
अमेरिका की अर्थव्यवस्था को सुधारने और घरेलू उद्योगों को संरक्षण देने के लिए ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का कदम उठाया। टैरिफ यानी आयातित वस्तुओं पर लगने वाला कर। उन्होंने जैसे को तैसा वाली नीति अपनाई। लेकिन, इसके साथ ही दुनियाभर में टैरिफ वार छिड़ गया। हालात गंभीर होते देख उन्होंने बुधवार से 90 दिनों के लिए टैरिफ पर रोक लगाई, लेकिन चीन को कोई राहत नहीं दी। चीन पर उन्होंने 125 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 90 दिनों के लिए टैरिफ पर रोक लगाने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम जरूरी था और उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन देशों के लिए राहत स्वरूप है जिन्होंने अमेरिका के टैरिफ फैसलों पर कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की।
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगा कि कुछ लोग हद से ज्यादा आगे बढ़ रहे हैं। कोई और राष्ट्रपति ऐसा फैसला नहीं लेता जो मैंने लिया। किसी न किसी को यह करना ही था, क्योंकि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती थी। मुझे यह कदम उठाकर गर्व महसूस हो रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जिन देशों ने अमेरिका के टैरिफ का जवाब नहीं दिया, उन्हें अस्थायी राहत दी गई है। वहीं चीन पर टैरिफ बढ़ाने के फैसले को सही ठहराते हुए ट्रंप ने कहा, “मैंने चीन के साथ टैरिफ इसलिए बढ़ाया क्योंकि उन्होंने जवाबी कार्रवाई की थी। मैंने पहले ही कह दिया था कि अगर वे प्रतिक्रिया देंगे तो हम दोगुना करेंगे। और हमने वैसा ही किया।
अपने फैसले को लेकर आशावाद व्यक्त करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह रणनीति बेहद प्रभावी साबित होगी। हम कुछ ऐसा करने जा रहे हैं जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मुझे खुशी है कि मैंने यह निर्णय लिया।
राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका की व्यापार नीति आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक रुख अपना सकती है, खासकर उन देशों के खिलाफ जो अमेरिकी उत्पादों पर ऊंचे शुल्क लगाते हैं।


