महाराष्ट्र में चुनावी परिणाम को जारी हुए एक सप्ताह बीत चुके है लेकिन महायुति राज्य के लिए अपने नए मुखिया का चयन नहीं कर पाई है। शिवसेना जहां पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे के कामकाज को आधार बनाकर उन्हें फिर से सीएम की कुर्सी सौंपने की वकालत कर रही है तो वही महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली भाजपा भाजपा भी सीएम पद पर दावेदारी ठोंक रही है।
बीजेपी की तरफ से देवेंद्र फडणवीस के लिए जोरदार लॉबिंग चल रही है। तीन दिन पहले इस मुद्दे को सुलझाने और नए मुखिया का नाम फाइनल करने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह ने देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे दोनों को ही दिल्ली बुलाया था।
दोनों हो दावेदारों के साथ बैठक के बाद उम्मीद की जा रही थी कि आलाकमान ने नाम तय कर लिया है। इस मीटिंग के बाद एकनाथ शिंदे ने भी कहा था कि उन्हें सीएम पद की लालसा नहीं हैं।
प्रधानमंत्री जिस नेता को मुख्यमंत्री बनाएंगे, उन्हें स्वीकार होगा। लेकिन आज सप्ताह भर बाद भी महाराष्ट्र का मुख़्यमंत्री कौन होगा यह तय नहीं हो सका है।
सीएम के लिए अब तक जहां दो उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा थी तो वही एक तीसरे नेता के नाम पर भी चर्चा शुरू हो गई है। यह नेता कोई नहीं बल्कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का नाम है। नितिन गडकरी केंद्र की मोदी सरकार के सबसे अच्छे और बेस्ट परफॉर्मेंस वाले मंत्री है। मंत्री रहते वह पूरी तरह विवादों से दूर रहे है। वह भारत भर में हाइवे मैन के तौर पर भी मशहूर हो चुके हैं। उनकी अगुवाई में भारत में सड़को और हाइवे का जाल बिछाया जा रहा है। वह अलग-अलग मंचों पर इसका जिक्र भी करते हैं।
वह बताते हैं कि देश के लिए आज सबसे जरूरी चीज सड़क है। और बिना किसी भेदभाव के हर राज्य में सड़क की बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी जा रही है।
गडकरी सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि विपक्षी दल के नेताओं के बीच भी काफी मशहूर है। कई बार कांग्रेस और दुसरे दल के नेता उन्हें भावी प्रधानमंत्री भी बता चुके है। बहरहाल बात उनके दावेदारी की करें तो आरएसस पृष्ठभूमि वाले नितिन गडकरी को लेकर महाराष्ट्र में चर्चा तेज हो चली है।
बताया जा रहा है कि शिवसेना के शिंदे गुट को भी गडकरी के नाम पर किसी तरह का ऐतराज नहीं है। आरएसएस के कई बड़े नेताओं का आशीर्वाद भी नितिन गडकरी को हासिल हैं। लेकिन बताया यह जा रहा है कि फिलहाल प्रधानमंत्री और अमित शाह उनके नाम पर राजी नहीं है। इसके पीछे कई तरह की वजहें बताई जा रही है।
हालाँकि दावा यह भी किया जा रहा है कि अगर आखिरी समय में शिंदे और फडणवीस के नाम पर सहमति नहीं बन पाई तो नितिन गडकरी को महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री बनाकर मुंबई भेजा जा सकता है।


