ईरान के उत्तर-पश्चिम स्थित पहाड़ी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुए राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, विदेश मंत्री और अन्य लोग दुर्घटनास्थल पर मृत पाए गए। देश के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। रईसी 63 वर्ष के थे।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रईसी और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने पिछले महीने इजराइल पर एक जबरदस्त ड्रोन और मिसाइल हमला किया था। इसके अलावा ईरान का यूरेनियम संवर्धन भी हथियार बनाने के लिए आवश्यक स्तर के करीब पहुंच गया है। इसकी वजह से देश और पश्चिमी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। तेहरान ने यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को बम ले जाने वाले ड्रोन की आपूर्ति भी की और पूरे क्षेत्र में सशस्त्र मिलीशिया समूहों को भी भेजा।
The footage shows the transfer of the bodies of the martyrs by the Iranian Red Crescent Society (IRCS) and army rangers pic.twitter.com/oJtEiEc0U6
— IRNA News Agency (@IrnaEnglish) May 20, 2024
ईरान को खराब अर्थव्यवस्था और महिला अधिकारियों को लेकर उसके शिया धर्मतंत्र के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में व्यापक पैमाने पर प्रदर्शन का सामना भी करना पड़ा है जिसके मद्देनजर इस हादसे के परिणाम तेहरान और देश के भविष्य के लिए कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं।
रईसी ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में यात्रा कर रहे थे।
सरकारी टीवी ने पूर्वी अजरबैजान प्रांत में हुए इस हादसे का कोई कारण अभी नहीं बताया है।
उसने बताया कि इस हादसे में रईसी के साथ जिन लोगों के शव मिले हैं, उनमें ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीराब्दुल्लाहियन (60) भी शामिल हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ की खबर के अनुसार, रईसी के साथ ईरान के विदेश मंत्री अमीराब्दुल्लाहियन, ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर एवं अन्य अधिकारी और अंगरक्षक भी यात्रा कर रहे थे।
तुर्किये के प्राधिकारियों ने सोमवार की सुबह ड्रोन से ली एक फुटेज जारी की जिसमें जंगल में आग लगी दिखायी दी। उन्होंने इसके ‘‘हेलीकॉप्टर का मलबा होने का संदेह’’ जताया। उन्होंने एक दुर्गम पहाड़ी पर अजरबैजान-ईरान सीमा से करीब 20 किलोमीटर दक्षिण में यह आग लगी होने की जानकारी दी।
आईआरएनए द्वारा सोमवार को सुबह जारी फुटेज में दुर्घटनास्थल को एक हरित पर्वतीय क्षेत्र में एक दुर्गम घाटी बताया गया। स्थानीय अजेरी भाषा में सैनिकों को यह बोलते सुना गया, ‘‘यह वही है, हमने इसे ढूंढ लिया है।’’
इससे पहले रविवार रात को खामेनेई ने लोगों से दुआएं करने का आग्रह किया था। खामेनेई ने कहा था, “हमें उम्मीद है कि अल्लाह के करम से राष्ट्रपति और उनके सहयोगी पूरी तरह स्वस्थ स्थिति में देश लौटेंगे।”
बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कोई भी स्थिति हो, ईरान की सरकार का कामकाज जारी रहेगा। ईरान के संविधान के तहत, यदि राष्ट्रपति का निधन हो जाता है तो ईरान का प्रथम उपराष्ट्रपति पदभार संभालता है और 50 दिन के भीतर नया राष्ट्रपति चुनाव कराया जाएगा।
सरकारी मीडिया के अनुसार, प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद मुखबीर को रईसी की अनुपस्थिति में अधिकारियों और विदेशी सरकारों के फोन भी आने लगे हैं।
पूर्व में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व कर चुके कट्टरपंथी रईसी (63) को खामेनेई के शिष्य के रूप में देखा जाता था और कुछ विश्लेषकों का कहना था कि खामेनेई के निधन या इस्तीफे के बाद वह 85 वर्षीय नेता की जगह ले सकते थे।
रईसी ने 2021 में राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता था। उस दौरान ईरान के इतिहास में अब तक का सबसे कम मतदान हुआ था। अमेरिका ने ईरान-इराक युद्ध के अंत में 1988 में हजारों राजनीतिक कैदियों की सामूहिक फांसी में शामिल होने के कारण रईसी पर प्रतिबंध लगा दिया था।








