पीलीभीत जिले के हजारा क्षेत्र में खाद्य विषाक्तता के कारण एक लड़के की मौत हो गई जबकि उसके परिवार के पांच अन्य लोग बीमार हो गए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक शुरू में यह बात सामने आयी थी कि लड़के की मौत एक कम्पनी के नूडल्स खाने से हुई है, मगर जिला प्रशासन ने इससे इनकार किया है।
मामले की जांच करने वाले जिला अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हजारा थाना क्षेत्र स्थित राहुल नगर में अपने मायके आयी सीमा, उसके पुत्र रोहन, विवेक और बेटी संध्या, बहन संजू और भाभी संजना ने गत बृहस्पतिवार की शाम गांव की ही एक दुकान से लाये गये नूडल्स के साथ-साथ चावल और सुअर का मांस खाया था। खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गयी। सभी लोगों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां हालत में सुधार होने पर सभी लोग घर लौट आये थे।
त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार देर रात एक बार फिर परिवार के सभी सदस्यों की हालत बिगड़ गई। इस दौरान 12 वर्षीय रोहन तबीयत खराब होने की बात कहकर बिस्तर पर लेट गया। कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। शनिवार सुबह बाकी परिजन को पूरनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
उन्होंने बताया कि रोहन के भाई विवेक को गंभीर हालत के मद्देनजर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉक्टर राशिद ने बताया कि सभी को खाद्य विषाक्तता हुई थी।
अभिहित अधिकारी ने बताया कि नूडल्स खाने से रोहन की मौत होने की पुष्टि नहीं की जा सकती क्योंकि अन्य कई ग्रामीणों ने भी वे ही नूडल्स खाये थे। अगर उनमें कुछ गड़बड़ी होती तो सभी लोग बीमार पड़ते। शायद चावल और सुअर के मांस से खाद्य विषाक्तता हुई है।
त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट पूरनपुर के उप जिलाधिकारी को सौंप दी है।