रामपुर, अयोध्या में आगामी 22 जनवरी को राम मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से खुद को जोड़ने की होड़ में रामपुर की रजा लाइब्रेरी भी पीछे नहीं है। इस पुस्तकालय में रखी रामायण और श्रीरामचरित मानस की दुर्लभ प्रतियों और पांडुलिपियों का दीदार कराने के लिये एक विशेष प्रदर्शनी लगायी गयी है।
रामपुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक आकाश सक्सेना ने बृहस्पतिवार को इस प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी एक सप्ताह तक चलेगी।
सक्सेना ने संवाददाताओं को बताया कि 500 वर्षों के बाद प्रभु श्रीराम अपने घर अयोध्या में विराजमान होने जा रहे हैं, उसी के परिप्रेक्ष्य में पूरे देश में जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रामपुर से भगवान राम का नाम जुड़ा हुआ है इसलिये रजा लाइब्रेरी में राम पर आधारित एक प्रदर्शनी का एक आयोजन किया गया है।
उन्होंने बताया कि 250 साल पुराने इस पुस्तकालय में फारसी में लिखी रामायण की दुर्लभ पांडुलिपि मौजूद है, जिसे प्रदर्शनी में रखा गया है। उनका कहना था कि इसके अलावा मुगलकालीन हस्तलिखित रामायण, संस्कृत, उर्दू और अन्य कई भाषाओं में अनूदित रामायण की प्रतियां भी लोगों के अवलोकन के लिये रखी गयी हैं।
सक्सेना ने कहा कि आमतौर पर ये पांडुलिपियां और कृतियां आम आदमी की पहुंच से दूर रहती हैं लेकिन अयोध्या में होने वाले भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से खुद को जोड़ने के लिये आयोजित इस प्रदर्शनी में इन कृतियों को रखा गया है ताकि लोग उन्हें देख सकें।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में सुमेर चंद्र की हाथ से लिखी वाल्मीकि रामायण भी रखी गयी है, जिसकी शुरुआत ‘बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम’ से की गयी है। उनके मुताबिक साथ ही प्रदर्शनी में प्रभु श्रीराम की वंशावली का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।
सक्सेना ने कहा कि इस प्रदर्शनी से रामपुर के लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें रामायण के विभिन्न रूपों के दर्शन प्राप्त होंगे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में प्रदर्शनी देखने आयें।


