अयोध्या, शारदीय नवरात्र से पहले अयोध्या के देवकाली क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाओं के निर्माण से जुड़ा मामला सामने आया है। यहां करीब 125 दुर्गा प्रतिमाएं तैयार करने का काम ले रहा पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले का मूर्तिकार उत्तम पाल अपनी करीब 10 सदस्यीय टीम के साथ रात में अचानक मौके से फरार हो गया। मूर्तिकार के चले जाने की जानकारी मिलते ही कई दुर्गा पूजा समितियों के लोग मौके पर पहुंच गए। अधूरी प्रतिमाओं के कारण पूजा समितियों के सामने समय पर प्रतिमाएं तैयार कराने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बताया जा रहा है कि उत्तम पाल ने अयोध्या शहर, ग्रामीण क्षेत्रों के साथ आसपास के जिलों से भी दुर्गा प्रतिमाएं बनाने का काम लिया था। पूजा समितियों के अनुसार, कई प्रतिमाओं की बुकिंग के लिए मूर्तिकार को एडवांस रकम दी जा चुकी थी। वहीं प्रतिमाओं के निर्माण में इस्तेमाल किए गए बांस का करीब दो लाख रुपये भुगतान भी बकाया बताया जा रहा है।
मूर्तिकार की देखरेख में देवकाली स्थित स्थल पर बड़ी संख्या में दुर्गा प्रतिमाएं तैयार की जा रही थीं। बताया जा रहा है कि अधिकांश प्रतिमाओं का ढांचा तैयार हो चुका था, लेकिन उन्हें अंतिम रूप दिया जाना बाकी था। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण कुछ अधबनी प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है।
पूजा समितियों के लोगों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में रात करीब दो बजे के बाद मूर्तिकार और उसकी टीम सामान समेटकर मौके से जाती दिखाई दी। सुबह जब लोगों को इसकी जानकारी हुई तो बड़ी संख्या में लोग निर्माण स्थल पर पहुंच गए। इसके बाद देवकाली पुलिस चौकी पर भी लोगों की भीड़ जुट गई।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पुलिस मूर्तिकार और उसकी टीम से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि मूर्तिकार की टीम के एक सदस्य से फोन पर बातचीत हुई है और टीम को वापस बुलाकर अधूरी प्रतिमाओं का निर्माण पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मूर्तिकार के अचानक चले जाने की वास्तविक वजह, एडवांस रकम और अन्य भुगतान से जुड़े विवाद की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। नवरात्र नजदीक होने के कारण पूजा समितियां जल्द से जल्द अधूरी प्रतिमाओं का काम पूरा कराने की कोशिश में जुटी हैं।