लखनऊ, प्रदेश सरकार अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को और भव्य एवं नवाचारपूर्ण बनाने के लिए इस बार आम लोगों और युवाओं से भी सुझाव मांगेगी।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को जनता से दीपोत्सव को लेकर सुझाव आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं ताकि आयोजन में नए और बेहतर विचारों को शामिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि युवाओं को दीपोत्सव की तैयारियों से सक्रिय रूप से जोड़ने के साथ उन्हें प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं का वाहक और संवाहक बनाया जाए।
सिंह ने बुधवार को अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात के साथ दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं, शहर की सजावट, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में दीपोत्सव-2026 को अब तक का सबसे भव्य आयोजन बनाने के लिए लगभग 30 लाख दीप जलाने, अयोध्या की सड़कों और सरयू तट को रामायण आधारित सजावट से सजाने तथा देश-विदेश से लोगों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है।
बयान के अनुसार, दीपोत्सव में इस बार 2,100 ड्रोन की मदद से आयोजित शो प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा। बैठक में ड्रोन शो को दीपोत्सव के दिन के साथ दो दिन बाद होने वाले जमघट में भी आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को इसे दोबारा देखने का अवसर मिल सके।
इसके अलावा सजीव प्रस्तुतियों के साथ लेजर शो और आतिशबाजी भी आयोजन का हिस्सा होंगे।
बयान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों अथवा उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की योजना है। 30 से अधिक देशों में भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को भी दीपोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक के दौरान धर्मपथ पर रामायण आधारित 10 प्रवेश द्वार बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा अयोध्या आने वाले प्रमुख मार्गों पर तीन अन्य रामायण द्वार बनाए जाने की योजना है जिनमें सुलतानपुर और रायबरेली मार्ग भी शामिल हैं।
दीपोत्सव के दौरान 2,100 से अधिक बटुकों द्वारा सामूहिक सरयू आरती कराने, 240 से अधिक मंदिरों और मठों में दीप प्रज्ज्वलन तथा उद्योग एवं व्यापार संगठनों के सहयोग से 25 प्रमुख चौराहों को सजाने की योजना है।