संत कबीरनगर, समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने वाले युवक विशाल कुमार के कथित अपहरण के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उसे बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में सांसद के निजी सहायक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के मुताबिक, विशाल कुमार को अशोक यादव ने यह कहकर सांसद के आवास पर बुलाया था कि सांसद के निजी सहायक धर्मेंद्र यादव और जितेंद्र यादव उससे किसी मामले में बातचीत करना चाहते हैं।
विशाल के सांसद के आवास पर पहुंचने के बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद उसके भाई ओम प्रकाश ने बखिरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस के अनुसार, 20-21 सितंबर की दरमियानी रात करीब ढाई बजे खलीलाबाद क्षेत्र में पुलिस टीम ने एक कार को रोककर विशाल कुमार को सकुशल बरामद कर लिया। कार में सवार चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विश्वकेतु यादव, अशोक यादव, सांसद के निजी सहायक धर्मेंद्र यादव और बस्ती निवासी जितेंद्र यादव के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में विश्वकेतु यादव ने बताया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद से जुड़े मामले में विशाल ने उसका और सांसद पप्पू निषाद का नाम लिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने विशाल को सांसद के आवास पर ले जाकर नोटरी के सामने कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी करवाए।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह भी आरोप सामने आया कि विशाल को अयोध्या ले जाकर उसकी हत्या करने और शव को ठिकाने लगाने की योजना थी। हालांकि यह पुलिस द्वारा पूछताछ में सामने आया कथित विवरण है और मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह पूरा मामला 18 सितंबर को गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है। उस घटना में पप्पू निषाद की गाड़ी पर पथराव और तोड़फोड़ का मामला सामने आया था। इसके बाद दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए। विशाल कुमार की शिकायत पर सांसद पप्पू निषाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।