काहिरा, मिस्र की राजधानी काहिरा की एक आपराधिक अदालत (काहिरा क्रिमिनल कोर्ट) ने देश के चर्चित ‘मेजर ड्रग्स केस’ में बड़ा फैसला सुनाते हुए मशहूर टीवी प्रेजेंटर, प्रोड्यूसर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सारा खलीफा (39) समेत 12 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने मामले में कुल 28 अभियुक्तों पर सुनवाई करते हुए 12 को मौत की सजा, 9 आरोपियों को उम्रकैद और 7 अन्य को बरी कर दिया है। मिस्र के कानून के मुताबिक फांसी की सजा की पुष्टि के लिए मामला देश के ग्रैंड मुफ्ती के पास धार्मिक राय के लिए भेजा गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह विदेश से कच्चा माल मंगाकर मिस्र में सिंथेटिक (आर्टिफिशियल) ड्रग्स तैयार करने और उसकी बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले संगठित आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा था। अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि सारा खलीफा ने इस सिंडिकेट को फंडिंग दी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के आकाओं से समन्वय बनाने के लिए कई विदेश यात्राएं भी कीं।
पुलिस ने काहिरा की दो आवासीय सोसाइटियों में बने फ्लैटों पर छापा मारकर उन्हें ड्रग्स लैब के रूप में इस्तेमाल होते पाया। इस दौरान 750 किलोग्राम से अधिक सिंथेटिक ड्रग्स, कच्चा माल, अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।
क्राइम और सिक्योरिटी शो ‘मिशन इंपॉसिबल’ होस्ट करने वाली सारा खलीफा ने कोर्ट के समक्ष खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। रोते हुए उन्होंने अदालत से कहा कि उन्होंने जिंदगी में कभी सिगरेट तक नहीं पी है और उनके परिवार ने उन्हें अच्छे संस्कार दिए हैं, इसलिए उन्हें ड्रग्स के पैसों की कोई जरूरत नहीं है।
इसके अलावा अपहरण और मारपीट से जुड़े एक अन्य मामले में भी अदालत ने सारा खलीफा को 5 साल जेल की सजा सुनाई है। मामले में सजायाफ्ता आरोपियों को मिस्र की शीर्ष अदालत (कोर्ट ऑफ कैसेशन) में अपील करने का अधिकार प्राप्त है।