अयोध्या, जमीन से जुड़े एक विवाद में मनमुताबिक कार्रवाई न होने से आहत अयोध्या जिले का एक युवक सोमवार को लखनऊ में दारुलशफा के पास बने मोबाइल टावर पर चढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारा।
विरासत और जमीन पर कब्जे से जुड़ा है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बाबा बाजार थाना क्षेत्र के रामपुर जनक गांव निवासी जय सिंह के दो पुत्र रामकरण सिंह और हरिकरण सिंह हैं। रामकरण सिंह गांव में रहते हैं, जबकि हरिकरण सिंह सेना में थे। हाल ही में सेना से सेवानिवृत्त होकर गांव लौटने पर हरिकरण सिंह को पता चला कि उनके भाई रामकरण सिंह के पुत्र अंकुर सिंह ने उनकी पूरी जमीन अपने नाम विरासत में कराकर उस पर कब्जा कर लिया है।
दोनों पक्षों से दर्ज हो चुके हैं मुकदमे लगभग एक महीने पहले इस मामले को लेकर अंकुर सिंह, उनके चाचा हरिकरण सिंह और पट्टीदार तिलक बहादुर सिंह के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में हरिकरण सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अंकुर सिंह व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके कुछ दिनों बाद रामकरण सिंह की ओर से भी हरिकरण व अन्य के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
पुलिस का बयान: गिरफ्तारी का बना रहा था दबाव बाबा बाजार थाना प्रभारी के अनुसार, मुकदमे की पैरवी कर रहा अंकुर सिंह अपने चाचा हरिकरण और पट्टीदार तिलक बहादुर सिंह को जेल भिजवाने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहा था।
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि मामले में कोई ऐसी संगीन धाराएं नहीं लगी थीं, जिसके तहत गिरफ्तारी की जा सके। पुलिस ने यह भी बताया कि अंकुर सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसके खिलाफ मवई व बाबा बाजार थानों में लगभग आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं।