मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उचित दर विक्रेताओं यानी कोटेदारों के लिए नई ई-पॉस आधारित कोटेदार कमीशन प्रणाली का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल करने की घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की खाद्य वितरण व्यवस्था में व्यापक सुधार किए गए हैं। सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए वर्ष 2017 से ई-पॉस मशीनों के इस्तेमाल की शुरुआत की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर उचित मूल्य की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन भवनों में राशन की दुकान के साथ वेयरहाउस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। अब एफसीआई के गोदाम से सीधे उचित मूल्य की दुकान तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और उचित दर विक्रेताओं के बीच कोई अनावश्यक बाधा नहीं रहेगी और सीधे संवाद के जरिए व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कोटेदारों से अपील की कि ऐसा कार्य करें जिसमें सम्मान हो और जिसमें सम्मान न हो, वह कार्य नहीं करना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। निराश्रित और दिव्यांग लोगों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में करीब दो करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन और 1.53 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं करीब 10 हजार राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में किए गए बदलावों से पारदर्शिता बढ़ी है और अब किसी भी स्तर पर अनियमितता की गुंजाइश कम हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीबों को समय पर और पारदर्शी तरीके से खाद्यान्न उपलब्ध कराना है।








