आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्रियों के शुक्रवार को प्रशांत महासागर में उतरने के साथ ही आधी सदी से अधिक समय बाद मनुष्य की पहली चंद्र यात्रा पूरी हो गई।
चार अंतरिक्ष यात्रियों वाला दल सफल चंद्र मिशन के बाद पृथ्वी पर लौटा। इस मिशन के दौरान उन्होंने चंद्रमा के उस हिस्से को देखा, जिसे पहले कभी इतने करीब से नहीं देखा गया था और इसने मानव इतिहास में सबसे ज्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बनाया। इस दौरान पूर्ण सूर्य ग्रहण भी दिखाई दिया।
आर्टेमिस-2 चंद्रमा पर नहीं उतरा और न ही उसकी परिक्रमा की लेकिन उसने अपोलो 13 के दूरी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया और पृथ्वी से मानव द्वारा की गई अब तक की सबसे लंबी यात्रा का उस समय रिकॉर्ड बनाया, जब चालक दल 252,756 मील (406,771 किमी) की दूरी तक पहुंचा।
कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन ‘मैक 33’ यानी ध्वनि की गति से 33 गुना अधिक रफ्तार से वायुमंडल में दाखिल हुए। ‘इंटीग्रिटी’ नामक उनका ओरियन कैप्सूल स्वचालित प्रणाली के सहारे समुद्र में उतरा।
मिशन नियंत्रण कक्ष में उस समय तनाव बढ़ गया जब अत्यधिक ताप के दौरान कैप्सूल लाल गर्म प्लाज्मा से घिर गया और तय योजना के अनुसार कुछ समय के लिए उससे संपर्क टूट गया। सबकी निगाहें कैप्सूल की जीवनरक्षक ऊष्मा-रोधी ढाल पर थीं, जिसे पुन: प्रवेश के दौरान हजारों डिग्री तापमान सहना था।
मिशन नियंत्रण कक्ष के दर्शक कक्ष में अंतरिक्ष यात्रियों के परिजन भी मौजूद थे। संचार अवरोध की अवधि समाप्त होने के बाद जब कैप्सूल फिर दिखाई दिया और करीब 2,000 मील (3,219 किलोमीटर) दूर समुद्र में उतरा तो लोग खुशी से झूठ उठे।
Welcome home Reid, Victor, Christina, and Jeremy! 🫶
The Artemis II astronauts have splashed down at 8:07pm ET (0007 UTC April 11), bringing their historic 10-day mission around the Moon to an end. pic.twitter.com/1yjAgHEOYl
— NASA (@NASA) April 11, 2026










