Tuesday, July 28, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

सुप्रीमकोर्ट ने यूजीसी के नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कानून के चार सवाल तैयार?

ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360 by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
January 30, 2026
in उत्तर प्रदेश, देश
0
राज्य बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति पर विचार

उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं में कानून के महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए गए हैं और उसने विचार के लिए ऐसे चार सवाल तैयार किए हैं।

शीर्ष अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के हालिया समानता नियमों पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी। न्यायालय ने कहा कि यह प्रारूप “प्रथम दृष्टया अस्पष्ट” है, इसके “बहुत व्यापक परिणाम” हो सकते हैं और इसका प्रभाव ‘‘खतरनाक रूप से’’ समाज को विभाजित करने वाला भी हो सकता है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि विनियमों में “कुछ अस्पष्टताएं” हैं और “इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उसका यह मत है कि निम्नलिखित चार महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न विचारणीय हैं और इनके लिए विस्तृत पड़ताल की आवश्यकता होगी।

उसने कहा कि पहला प्रश्न यह है कि क्या विनियमों में धारा 3(सी) को शामिल करना, जो “जाति-आधारित भेदभाव” को परिभाषित करती है, 2026 के यूजीसी विनियमों के उद्देश्य और प्रयोजन की पूर्ति के लिए एक उचित और तर्कसंगत संबंध रखता है, विशेष रूप से इस तथ्य के आलोक में कि जाति-आधारित भेदभाव से निपटने के लिए कोई अलग या विशेष प्रक्रियात्मक तंत्र निर्धारित नहीं किया गया है, जबकि विनियमों की धारा 3(ई) के तहत “भेदभाव” की व्यापक और समावेशी परिभाषा प्रदान की गई है?

न्यायालय के मुताबिक, दूसरा प्रश्न यह है कि क्या विनियमों के तहत “जाति-आधारित भेदभाव” शामिल करना और और लागू करने से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अंतर्गत सबसे पिछड़ी जातियों के मौजूदा संवैधानिक और वैधानिक उप-वर्गीकरण पर कोई प्रभाव पड़ेगा, और क्या उक्त विनियम ऐसी अत्यंत पिछड़ी जातियों को भेदभाव और संरचनात्मक असमानताओं से पर्याप्त एवं प्रभावी सुरक्षा प्रदान करते हैं?

शीर्ष अदालत ने कहा कि तीसरा सवाल यह है कि क्या उक्त विनियमों के खंड 7(घ) में “पृथकीकरण” शब्द को शामिल करना छात्रावासों, कक्षाओं, मार्गदर्शन समूहों या इसी तरह की शैक्षणिक या आवासीय व्यवस्थाओं के आवंटन के संदर्भ में, भले ही पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण मानदंडों पर आधारित हो, “अलग होते हुए भी समान” वर्गीकरण के बराबर होगा, जिससे अनुच्छेद 14, 15 और साथ ही भारत के संविधान की प्रस्तावना के तहत समानता और बंधुत्व की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन होगा?

न्यायालय के अनुसार, चौथा सवाल यह है कि क्या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता का संवर्द्धन) विनियम 2012 में “रैगिंग” शब्द मौजूद होने के बावजूद, उक्त विनियमों में भेदभाव के एक विशिष्ट रूप के तौर पर इसका उल्लेख ना किया जाना एक प्रतिगामी विधायी चूक है।

शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की पीठ 19 मार्च को इस मामले की सुनवाई करेगी।

Tags: सुप्रीमकोर्ट ने यूजीसी के नियमों
Previous Post

बलिया में मृत रेलवे कर्मी की पत्नी बनकर धोखाधड़ी से पेंशन लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज

Next Post

केंद्रीय मादक पदार्थ ब्यूरो ने लखनऊ में करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की, एक तस्कर गिरफ्तार

Related Posts

देवरिया में फर्जी शादी के जरिए व्यक्ति से पैसे ठगने के आरोप में दो महिलायें गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश

देवरिया में फर्जी शादी के जरिए व्यक्ति से पैसे ठगने के आरोप में दो महिलायें गिरफ्तार

July 28, 2026
बेसिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन बैठकों में अब नहीं चलेगी लापरवाही
उत्तर प्रदेश

बेसिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन बैठकों में अब नहीं चलेगी लापरवाही

July 28, 2026
गोरखपुर: नौका विहार में दो नावों की टक्कर, हादसे में युवक लखमुद्दीन की मौत, बच्चे समेत 9 घायल
उत्तर प्रदेश

गोरखपुर: नौका विहार में दो नावों की टक्कर, हादसे में युवक लखमुद्दीन की मौत, बच्चे समेत 9 घायल

July 28, 2026
आयुष विभाग में हड़कंप: हाईकोर्ट सख्त, बिना कारण ट्रांसफर रद्द करना गैरकानूनी, शासन को 8 हफ्ते में फैसला लेने का आदेश
उत्तर प्रदेश

प्रदेश में 900 नयी अदालतों के गठन में देरी, मुख्य सचिव उच्च न्यायालय में हुए पेश

July 28, 2026
Next Post
केंद्रीय मादक पदार्थ ब्यूरो ने लखनऊ में करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की, एक तस्कर गिरफ्तार

केंद्रीय मादक पदार्थ ब्यूरो ने लखनऊ में करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की, एक तस्कर गिरफ्तार

Recent Posts

राष्ट्रमंडल खेलों का रंगारंग भव्य शुभारंभ, ग्लासगो में जुटे 74 देशों के खिलाड़ी

Commonwealth Games: शर्मिला ने जीता स्वर्ण, ज्ञानेश्वरी और सर्वेश को रजत, बिंद्यारानी ने कांस्य पदक पर जमाया कब्जा

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 28, 2026
0

ग्लास्गो, शर्मिला धनकर ने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक के साथ इतिहास रचा जबकि भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव...

देवरिया में फर्जी शादी के जरिए व्यक्ति से पैसे ठगने के आरोप में दो महिलायें गिरफ्तार

देवरिया में फर्जी शादी के जरिए व्यक्ति से पैसे ठगने के आरोप में दो महिलायें गिरफ्तार

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 28, 2026
0

देवरिया जिले में फर्जी शादी रचाकर हरियाणा के एक व्यक्ति से कथित तौर पर एक लाख दस हजार रुपये ठगने...

बेसिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन बैठकों में अब नहीं चलेगी लापरवाही

बेसिक शिक्षा विभाग में ऑनलाइन बैठकों में अब नहीं चलेगी लापरवाही

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 28, 2026
0

बेसिक शिक्षा विभाग में अब निदेशालय स्तर पर आयोजित प्रत्येक ऑनलाइन समीक्षा बैठक में मंडल स्तर से सहायक शिक्षा निदेशक...

गोरखपुर: नौका विहार में दो नावों की टक्कर, हादसे में युवक लखमुद्दीन की मौत, बच्चे समेत 9 घायल

गोरखपुर: नौका विहार में दो नावों की टक्कर, हादसे में युवक लखमुद्दीन की मौत, बच्चे समेत 9 घायल

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 28, 2026
0

गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल झील में दो ‘स्पीडबोट’ की टक्कर में 20 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई...

आयुष विभाग में हड़कंप: हाईकोर्ट सख्त, बिना कारण ट्रांसफर रद्द करना गैरकानूनी, शासन को 8 हफ्ते में फैसला लेने का आदेश

प्रदेश में 900 नयी अदालतों के गठन में देरी, मुख्य सचिव उच्च न्यायालय में हुए पेश

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 28, 2026
0

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 900 नयी अदालतों के गठन में हो रही देरी पर अदालत की सख्ती के बाद राज्य...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group