अयोध्या, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि में नौंवे दीपोत्सव की तैयारी है। यह नया इतिहास रचेगा। पहली बार अयोध्या के 41 प्रमुख मठ-मंदिरों को सजाया जाएगा। इनमें हनुमानगढ़ी, दशरथ महल, कनक भवन, कौशलेश कुंज, अशर्फी भवन और दिगंबर अखाड़ा जैसे मंदिर शामिल हैं।
इन मंदिरों को आधुनिक लाइटों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनियों से इस प्रकार सजाया जाएगा कि पूरी रामनगरी स्वर्ग की भांति आलोकित दिखे। 990 झालरों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक में एक हजार बल्ब होंगे।
पहली बार यह आयोजन श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के पास आया है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। श्री अयोध्याजी तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जयेंद्र कुमार के अनुसार इस बार नौवां दीपोत्सव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव अब केवल राज्य का नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर का आयोजन बनने की ओर अग्रसर है।
26 लाख दीपों का लक्ष्य से नया विश्व रिकॉर्ड
राम की पैड़ी और के घाटों पर इस बार २6 लाख दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।जलते हुए दीप न केवल भगवान श्रीराम के स्वागत का प्रतीक होंगे, बल्कि अंधकार पर प्रकाश, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश भी देंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और रामलीला
नौवें दीपोत्सव के दौरान रामायण से जुड़ी सांस्कृतिक झांकियां, रामलीला और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित होंगे। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्किअध्यात्म और संस्कृति का विराट उत्सव होगा। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।


