लखनऊ, उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने सीतापुर में शिक्षक से जुड़ी मारपीट की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
मंत्री ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सीतापुर में शिक्षक से जुड़ी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेहनती, ईमानदार और नियमित रूप से स्कूल जाने वाले बृजेंद्र वर्मा को इस हद तक परेशान किया गया कि वह अपना आपा खो बैठे। केवल 20 सेकंड के वीडियो क्लिप के आधार पर शिक्षक को एकतरफा दोषी ठहराना अनुचित है।
उन्होंने कहा कि बीएसए कार्यालय में प्रवेश करने से लेकर अंत तक के सभी सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के आधार पर, जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किन परिस्थितियों के कारण शिक्षक ने यह कदम उठाया इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
पटेल ने पोस्ट में कहा, ‘मैंने इस संबंध में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से बात की है। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
अधिकारियों ने बताया कि सीतापुर जिले में एक बेसिक शिक्षा अधिकारी पर उनके कार्यालय में एक प्रधानाध्यापक द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया, जब वह अपने स्कूल के कर्मचारियों की एक शिकायत की जांच कर रहे थे।
मीडिया से बात करते हुए, बीईओ अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि सीतापुर जिले के महमूदाबाद क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा उसी स्कूल की एक सहायक शिक्षिका को परेशान कर रहे थे।
मामले की शिकायत मिलने के बाद बीईओ ने प्रधानाध्यापक को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपने कार्यालय बुलाया। सिंह ने प्रधानाध्यापक और सहायक शिक्षिका दोनों को आमने-सामने बिठाकर जांच शुरू की।
सिंह ने दावा किया, ‘जब उपस्थित सभी लोगों ने बताया कि प्रधानाध्यापक दोषी हैं, तो वह अचानक क्रोधित हो गए, अपनी बेल्ट निकाली और मुझ पर हमला कर दिया।’
अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद प्रधानाध्यापक को पुलिस के हवाले कर दिया गया और बीईओ ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया।


