अयोध्या, डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के एम.ए. सिंधी भाषा के विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के सम्मान में संगोष्ठी का आयोजन किया।
एमए सिंधी भाषा समन्वयक प्रो. अनूप कुमार ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के महान शिक्षाविद एवं भारतीय ज्ञान परंपरा में ऋषि के प्रतीक माने जाते हैं। दर्शन के क्षेत्र में वे एक महान व्यक्तित्व के रूप में वैश्विक पटल पर स्थापित हुए। भारतीय शिक्षा जगत उनके योगदान को कभी भुला नहीं सकता।
उन्होंने कहा डॉ. कृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षकों का सम्मान उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करता है। एक शिक्षक अपना पूरा जीवन विद्यार्थियों के लिए समर्पित कर देता है।
सिंधी अध्ययन केंद्र के सलाहकार ज्ञान प्रकाश टेकचंदानी ने उद्बोधन में विद्यार्थियों को भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षा जगत में किए गए सहयोग को बताया।
उन्होंने सिंधी भाषा के महान शिक्षक किशनचंद बेवसि के शैक्षिक योगदान के बारे में छात्र-छात्राओं को बताया उन्होंने कहा कि शिक्षक छात्र का पथ प्रदर्शक होता है। सहायक आचार्य कपिल कुमार ने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा के द्वारा अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं।
सभी विद्यार्थियों ने संगोष्ठी में शिक्षको के सम्मान में अपने-अपने विचार प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन संगीता खटवानी ने किया।
कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थी कोमल लखमानी, सपना खेतपाल, झरना कालानी कीर्ति साधवानी, गीत हासानी, लक्ष्मी, निधी खेतपाल, महर हासानी एवं अमन विक्रम सिंह मौजूद रहे।


