मध्यप्रदेश के बहुचर्चित अर्चना तिवारी गुमशुदगी का मामला पूरी तरह सुलझ गया है। अर्चना को सकुशल बरामद कर लिया गया है। वह पूरी तरह सुरक्षित है। वही भोपाल की पुलिस ने इस बारें में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मीडिया को मामले की विस्तार से जानकारी दी है। पूछताछ में जो खुलासे अर्चना ने किये है उसका जिक्र पुलिस ने अपने प्रेसनोट में किया है।
पुलिस ने बताया कि, इसी महीने के 7 अगस्त को ट्रेन 18233 नमर्दा एक्स. कोच बी-3 बर्थ नम्बर 03 पर कटनी की रहने वाली अर्चना तिवारी अपने घर जाने के लिए यात्रा कर रही थी। वही अपने घर नहीं पहुचने पर उसके भाई अंकुश तिवारी एक डिबाद यानी 8 अगस्त थाना जीआरपी कटनी में आकर अपनी बहन अर्चना तिवारी का गुम होने सूचना दी। इसपर जीआरपी थाना कटनी द्वारा शून्य पर गुम इंसान की कायमी कर जांच और पड़ताल शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन 18233 के रिर्जवेशन चार्ट एवं संबंधित स्टेशनो से गुजरने वाली ट्रेनों के रिर्जवेशन चार्टो को प्राप्त कर जाँच की गई, तथा उक्त कोच में गुम महिला के आस पास के यात्रियो के घर जाकर पूछ ताछ की गई, तथा साथ ही सरदही थानों से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की व रेलवे स्टेशन इंदौर, भोपाल, सीहोर, रानी कमलापति, नमर्दापुरम, इटारसी, पिपरिया, करेली, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, बिलासपुर तक व शहरों में लगे लगभग 2 हजार सीसीटीव्ही फुटेजो को खंगाले गये।
पुलिस ने बताया कि, नमर्दा नदी में लगभग 32 किलोमिटर तक एसडीआरएफ एवं जीआरपी द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया व रानी कमलापति से जबलपुर तक अलग-अलग टीमे बनाकर पैदल सर्चिंग कराई गई एवं बरखेड़ा से बुदनी तक वन विभाग के साथ जीआरपी की टीमों के साथ जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, बाद इलेक्ट्रोनिक संसाधानो के माध्यम से संदेही के नम्बर की जानकारी प्राप्त की गई, जिस पर से इंदौर एवं शुजालपुर में संदेही की पहचान सारांश जोकचंद के रूप में की जाकर पुछताछ की गई, पुछताछ में गुम महिला अचर्ना तिवारी से सम्पर्क कर नेपाल बॉर्डर धनगढ़ी जिला लखिमपुर खीरी उ.प्र. से बरामद करने में सफलता हासिल की गई।
पूछताछ में अर्चना तिवारी ने बताया कि, घर वाले उसकी मर्जी के खिलाफ उसके लिए शादी के रिश्ते देख रहे थे। कुछ दिन पहले उनके घरवालो द्वारा बताया गया कि, उसके रिश्ते के लिये एक पटवारी लड़का देखा है और इसी प्रकार बार-बार शादी करने के लिए मजबूर करने की बात अर्चना ने कही। वह घरवालों के इस दबाव से परेशान हो गई थी।


