हर साल की तरह इस साल भी कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार धूम-धाम से मनाया जाएगा। हर साल भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जाता है। भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि को हुआ था। इस साल जन्माष्टमी पर सर्वार्थसिद्धि व अमृतसिद्धि का अद्भुत योग बन रहा है।
वहीं लोगों के मन में सवाल है कि, कृष्ण जन्माष्टमी किस दिन मनाई जाएगी और व्रत कब रखा जाएगा। आज हम आपको बताएंगे कृष्ण जन्माष्टमी व्रत व पूजन की सही तारीख और शुभ समय बताएंगे।
पूजा विधि और व्रत संकल्प
1- सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें
2- पूजा घर की सफाई करें
3- लड्डू गोपाल का पालना सजाएं
4- प्रभु श्री कृष्ण का गंगाजल और कच्चे दूध से अभिषेक करें
5- कन्हैया को साफ कपड़े से पोछकर वस्त्र पहनाएं
6- बाल गोपाल का श्रृंगार करें
7- फिर इन्हें पालने में बिठाकर झूला झुलाएं
8- प्रभु की सेवा संतान की तरह करें
9- हाथ में पुष्प व अक्षत लेकर जन्माष्टमी व्रत का संकल्प लें
10- प्रभु की आरती गाएं
11- भोग लगाएं और क्षमा प्रार्थना करें








