लीड्स, शुभमन गिल, ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल ने पहले टेस्ट में शतक लगाकर बाईस साल पहले इसी हेडिंग्ले मैदान पर सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की पारियों की याद दिला दी जिन्होंने शतक जमाकर इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की बखिया उधेड़ दी थी ।
उस समय तीन दिग्गजों ने भारत की शानदार जीत का मार्ग प्रशस्त किया था जबकि अगली पीढी की सितारा मौजूदा तिकड़ी ने भारत की पकड़ मजबूत कर दी है । यह इसलिये भी मायने रखता है कि भारतीय क्रिकेट अपने दो दिग्गजों रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद बदलाव के दौर से गुजर रहा है ।
उस समय 2002 में सचिन, सौरव और द्रविड़ के शतकों से भारत ने श्रृंखला ड्रॉ कराई थी और इसी से ‘घर के शेर , बाहर ढेर’ के ठप्पे के मिटने की भी शुरूआत हुई थी ।
भारत ने उस समय इंग्लैंड को एक पारी और 46 रन से हराया था । द्रविड़ ने 148, तेंदुलकर ने 193 और कप्तान गांगुली ने 128 रन बनाये थे जिसके दम पर भारत ने आठ विकेट पर 628 रन पर पारी घोषित की थी ।
संजय बांगड़ ने उस मैच में पारी की शुरूआत करते हुए 236 गेंद में 68 रन बनाये थे । वीरेंद्र सहवाग (आठ) और वीवीएस लक्ष्मण (छह) बड़ा स्कोर बनाने से चूक गए थे लेकिन गांगुली, तेंदुलकर और द्रविड़ ने इसकी कमी महसूस नहीं होने दी ।
स्पिनर हरभजन सिंह और अनिल कुंबले ने तीन तीन विकेट लिये थे जबकि जहीर खान और अजित अगरकर को दो दो विकेट मिले थे । इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 273 रन पर आउट हो गई थी और फॉलोआन खेलते हुए भारी अंतर से हार टाल नहीं सकी ।
भारत ने यशस्वी जायसवाल, कप्तान शुभमन गिल और ऋषभ पंत के शतकों की मदद से पहली पारी में 471 रन बनाए। गांगुली को लगता है कि पहले दिन तीन विकेट पर 359 रन बनाने के बाद भारत 600 रन का आंकड़ा छूने की स्थिति में था ।
गांगुली ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि हेडिंग्ले इतना सूखा रहेगा। लेकिन अगर वे (भारत) 600 रन बना लेते हैं तो गेंद को थोड़ा असमान उछाल मिलेगा। भारत को यह मैच जरूर जीतना चाहिए। उन्हें यह मौका फिर नहीं मिलेगा।’’
लेग स्पिनर कुलदीप यादव और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। गांगुली ने कहा कि वह प्रसिद्ध कृष्णा की जगह अर्शदीप को तरजीह देते।
गांगुली ने कहा, ‘‘कुलदीप धीरे-धीरे खेलेंगे। यह एक लंबी श्रृंखला है। मैं अर्श को खिलाता क्योंकि उनका कोण अलग है (बाएं हाथ का गेंदबाज होने के कारण)। लेकिन कोई बात नहीं। टीम ठीक है ।’’
उन्होंने यह भी कहा कि रविंद्र जडेजा को अच्छी गेंदबाजी करनी होगी क्योंकि वह आमतौर पर विदेशी सरजमीं पर संघर्ष करते हैं।
इंग्लैंड के पास जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे गेंदबाजों की तुलना में अब अलग तरह का गेंदबाजी आक्रमण है।
क्रिस वोक्स, ब्राइडन कार्स और जोश टंग कप्तान बेन स्टोक्स के साथ पहले टेस्ट में मेजबान टीम के मुख्य गेंदबाज हैं।
गांगुली ने कहा, ‘‘असल में उन्होंने काफी शॉर्ट गेंदबाजी की। कल आधे समय वे शुभमन गिल को केवल शॉर्ट गेंदबाजी कर रहे थे लेकिन कोई बात नहीं। वे सीखेंगे। यह सिर्फ पहला टेस्ट है।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें उम्मीद है कि भारत 3-1 से श्रृंखला जीतेगा, गांगुली ने कहा, ‘‘यह कहना अभी जल्दबाजी होगी।


