अयोध्या, रामजन्मभूमि थाना क्षेत्र की 17 वर्षीय एक किशोरी सोमवार की सुबह किसी से फोन पर बात करते हुए निकल बस में बैठकर झांसी पहुंच गई। पुलिस ने झांसी से उसे लाकर परिजनों को देर रात में सौंप दिया।
विगत मंगलवार की सुबह उसने खुद को आग लगा लिया। गंभीर हालत में उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
बताया गया कि किशोरी फोन पर किसी युवक से बात करती थी। उसके बुलाए पते पर जाने के लिए वह सोमवार की सुबह लगभग सात बजे घर से निकली थी। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो उसकी लोकेशन ट्रेस कराई गई। बाराबंकी में एक बस से अकेले जाते हुए वह देखी गई। उसका पीछा करके पुलिस उसे झांसी में ढूंढ़ सकी और उसे वापस लाकर सोमवार की रात में ही परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार परिजन मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते थे तो कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच मंगलवार की सुबह किशोरी ने खुद को आग लगा लिया। आनन-फानन उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि किशोरी लगभग 90% तक झुलस गई है। जिस मोबाइल नंबर से वह बात करती थी, उसकी जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया
किशोरी की मौत के मामले में पुलिस के अनुसार वन स्टाफ सेंटर पर कई बार रात में कॉल की गई लेकिन फोन नहीं उठा इसलिए परिजनों को सुपुर्द की गई थी किशोरी, लेकिन सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी के अनुसार वैसे फोन ना उठाने का मुझे लगता है गलत है आरोप पूरी कमेटी के सदस्यों का नंबर सार्वजनिक है अन्य सदस्यों या स्वयं मुझे ही काल कर दी जा सकती थी जानकारी।
उन्होंने कहा नियमानुसार वन स्टाफ सेंटर पर कॉल करने नहीं बल्कि वहां जाकर किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में पुलिस की जिम्मेदारी सुपुर्द करने की होती है । ऐसी घटनाएं न हो इसे लेकर ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की तरफ से बड़ी तादाद में काउंसलर मौजूद रहते हैं।
अध्यक्ष अवस्थी के अनुसार पुलिस के इस रवैये के चलते कई और भी सवाल हो रहे हैं खड़े। किशोरी के पास आत्मदाह करने के लिए कहां से आया केरोसिन या डीजल पेट्रोल?
उन्होंने बताया आखिर पुलिस कैसे कह रही है लोक लाज के भय से किशोरी ने कर लिया आत्महत्या? इतनी बड़ी वारदात में ऑनर किलिंग और तमाम सभी एंगल पर जांच करने की है आवश्यकता है।
वही वन स्टाफ सेंटर मे तैनात प्रबंधक के अनुसार रात में कोई काल नहीं आई, बल्कि पुलिस विभाग के एक अधिकारी कल दोपहर 3:00 बजे जरूर पहुंचे थे, उनके हस्ताक्षर भी रजिस्टर मौजूद पर है, उस वक्त भी उनके द्वारा संबंधित मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई थी।


