अयोध्या, हिंदूवादी संगठनो ने ‘रोहिंग्या हटाओ देश बचाओ’ शांति मार्च निकाला। शांति मार्च गुलाब बाड़ी से लेकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा तक पहुंची। रैली खत्म होने पर एक सभा का आयोजन किया गया। मार्च में हजारों लोग शामिल रहे। रैली में महिला पुरुष युवा बुजुर्ग सहित गुरुकुल के वेदपाठी छात्र भी शामिल हुए।
यह रैली बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न को लेकर शांतिपूर्ण रैली का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा- बांग्लादेश ही नहीं पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित जम्मू-कश्मीर में हिंदुओं का उत्पीड़न जग जाहिर है। अब हिंदुओं का उत्पीड़न किसी भी दशा में होने नहीं दिया जाएगा। भारत सरकार से मांग है कि वह हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाए।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता मित्र मंच के प्रमुख शरद पाठक ने कहा- खालिदा जिया ने कहा है कि हिंदू या तो धर्म परिवर्तन कर लें या यहां से चले जाएं। उनके इस बयान का हम सब विरोध करते हैं। वहां पहले 23% हिंदू थे। आज 5% बच कर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी से हम बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की मांग करते हैं।

राहुल गांधी व अखिलेश यादव से सवाल करते हुए बाबा ने कहा कि जातीय जनगणना के पहले बंगलादेशी घुसपैठियों व रोहंगिया मुसलमानों की जनगणना कराने की बात करे जिनकी संख्या आज पूरे देश मे 12 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने एक वाक्य में हिंदू बंटेगा तो कटेगा से सब कुछ कह दिया है। अभी भी हिंदू एकजुट हो जाएं, नहीं तो उनका भविष्य ठीक नहीं रहेगा। अयोध्या के बाद हिंदू जन आक्रोश रैली जहां-जहां जरूरत होगी, पूरे देश में निकालेंगे।
बता दें कि इस रैली में धर्म सेना, हिंदू महासभा आदि संगठन मित्र मंच के साथ इस आंदोलन में शामिल हुए। हिंदू महासभा के प्रवक्ता मनीष पांडेय ने सभी हिंदू संगठनों से इस रैली में शामिल होने की बात कही है।
रैली में धर्म सेना से जुड़े संतोष दुबे, समाजसेवी श्वेताराज सिंह, नरेंद्र पाठक, मनीष पांडेय, शिशिर दुबे, प्रज्ञा श्रीवास्तव, सोनू गौड़, कमलेश सिंह, रामलाल जायसवाल, रामकरन कोरी, गब्बर मिश्र,राकेश सिंह उमंग पाठक (जिला अध्यक्ष युवा मित्र मंच)
धर्मेंद्र गुप्ता, प्रतीक पाठक, श्याम, आदित्य, नीलेश चतुर्वेदी, सुरेंद्र यादव, आकाश यादव, रवि विश्वकर्मा, प्रशांत सोनकर, शिवम पाण्डेय, दीपू यादव, अनिल पाण्डेय, रितिक गुप्ता, मो 0 कैफ,मीना सिंह,सानिया पांडेय
आदि लोग शामिल रहे।


