कनाडा की सासंद में एक बार फिर खालिस्तानी प्रेम देखने को मिला है। कनाडा की संसद ने हाउस ऑफ कॉमन्स में एक मिनट का मौन रखकर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की एक साल की सालगिरह मनाई। खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के प्रमुख निज्जर को पिछले साल 18 जून को कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी गई थी।
निज्जर खालिस्तानी आतंकी था. खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था. उसका नाम भारत सरकार द्वारा जारी की गई सूची में 40 अन्य ‘नामित आतंकवादियों’ के साथ था।
हाउस ऑफ कॉमन्स में पहले स्पीकर ग्रेग फर्गस ने निज्जर को लेकर शोक संदेश पढ़ा और उसके बाद सभी सांसदों से निज्जर के लिए मौन रखने को कहा. निज्जर बीते कई सालों से कनाडा में रह रहा था और वहां से भारत के खिलाफ खालिस्तानी आतंकवाद को हवा देने का काम करता था। करण बराड़, अमनदीप सिंह, कमलप्रीत सिंह और करणप्रीत सिंह सहित चार भारतीय नागरिकों पर निज्जर की हत्या का आरोप है।
इससे पहले इटली के अपुलिया में G7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से हुई। पीएम मोदी से मिलने के बाद ट्रूडो ने संबंधों में सुधार की बात की लेकिन कनाडाई संसद से अलग ही तस्वीर देखने को मिली।
मुलाकात में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि वह भारत की नई सरकार के साथ आर्थिक संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करने का मौका है। पिछले साल निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर लगाए गए आरोपों के बाद दोनों नेताओं के बीच ये पहली मुलाकात थी।
पिछले साल संसद में बोलते हुए जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का इल्जाम भारत पर लगाया था। इसके बाद भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया था। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ट्रूडो और उनकी पार्टी पर खालिस्तानियों को लुभाने के लिए वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया था।








