सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। हिंदी पंचांग का यह पांचवां महीना पूरी तरह महादेव को समर्पित होता है। इस दौरान भक्त शिव मंदिरों में जाकर पूजा, व्रत और जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी वजह से पूरे महीने शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
30 जुलाई से शुरू होगा सावन
द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस साल सावन माह 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। सावन पूर्णिमा के दिन इस पवित्र महीने का समापन होगा। सावन सोमवार का व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। इस साल सावन में 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को सोमवार पड़ेंगे। इन दिनों भक्त व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं।
शिवरात्रि और हरियाली तीज का विशेष महत्व
सावन में कई प्रमुख धार्मिक पर्व भी मनाए जाते हैं। सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन शिव भक्त मंदिरों में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। कांवड़िये भी पवित्र जल लाकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं। इस साल सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी। वहीं, हरियाली तीज 15 अगस्त को पड़ेगी। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
नाग पंचमी और रक्षाबंधन भी होंगे सावन के खास पर्व
सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त को पड़ेगी और इस दिन सोमवार का शुभ संयोग भी रहेगा। भक्त नाग देवता की पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इसके बाद सावन पूर्णिमा के दिन 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
कांवड़ यात्रा से गूंजेंगे शिवालय
सावन में कांवड़ यात्रा का भी विशेष धार्मिक महत्व होता है। लाखों शिव भक्त कांवड़ में गंगाजल और अन्य पवित्र नदियों का जल लेकर शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं और महादेव का अभिषेक करते हैं। हालांकि कांवड़ यात्रा पूरे सावन माह चलती है। लेकिन इसका विशेष उत्साह सावन शिवरात्रि तक देखने को मिलता है। इस तरह सावन में शिव भक्ति, व्रत और त्योहारों का अनोखा संगम देखने को मिलता है।










