आगरा, वंदे भारत जैसी हाईस्पीड ट्रेनों में पत्थर मारने वाले एक आरोपी को आरपीएफ ने दबोच लिया है। बुधवार को आरपीएफ ने उसे कीठम के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी को जब पकड़ा गया तो उसने आरपीएफ अफसरों को धमकाने की भी कोशिश की। खुद को कभी स्टूडेंट बताता कभी शिकायत की धमकी देता।
इसने बुधवार को मुंबई जाने वाली एक ट्रेन पर पत्थर मारा था, इससे खिड़की का शीशा टूट गया। बुधवार शाम भी उसने राजधानी ट्रेन (22222) पर पत्थर बरसाए थे। आरोपी पर रेलवे एक्ट के तहत 153 और 147 के तहत केस दर्ज किया गया है। जिसमें पांच साल की सजा का प्रावधान है। बाद में उसे गुरुवार को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया।
आगरा होकर गुजरने वाली वंदे भारत, गतिमान और राजधानी जैसी हाईस्पीड ट्रेनों पर पत्थर बरसाने वाला आरोपी वीरेंद्र कुमार को आरपीएफ टीम ने अरेस्ट किया है। वह रुनकता और कीठम के बीच गुजरने वाली ट्रेनों को शिकार बनाता था। वह पटरियों के पास पड़ी गिट्टियों को उठाकर ट्रेन पर मारता था। इससे ट्रेन का कांच टूट जाते थे।
‘पत्थर मारने में आता है मजा’
पुलिस को लंबे समय से हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत, गतिमान, राजधानी पर पत्थर मारने की शिकायतें मिल रही थीं। राजा की मंडी रेलवे स्टेशन आरपीएफ चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपी वीरेंद्र कुमार पकड़े जाने पर उन्हें धमकाने लगा। कभी उन्हें एमबीए का स्टूडेंट बताने लगा तो कभी बीटेक का।
यही नहीं उसने कमिश्नर से शिकायत करने की धमकी भी दी। उन्होंने बताया कि जब सख्ती से पूछताछ की गई और पड़ताल की गई तो वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वह शौकिया तौर पर ट्रेनों में पत्थर मारता है। वह अक्सर ऐसी ट्रेनों पर पत्थर मारता है जिनके सभी कोच एसी होते हैं। कोचों में लगे कांचों को तोड़ने में उसे मजा आता है।


