गुजरात, आज के समय में सन्यासी बनना कोई आसान बात नहीं होती है इसके लिए सबकुछ त्यागना होता है। चाहे आप कितने ही बड़ी इंसान क्यों न हो सन्यासी बनने के लिए सबकुछ छोड़कर सन्यास जीवन जीना पड़ता है। ऐसी ही गुजरात से एक खबर सामने आई है जहां गुजरात के एक कारोबारी और उनकी पत्नी ने अपनी 200 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़कर सन्यासी बनने का फैसला किया है।
दरअसल, गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में रहने वाले भावेश भाई भंडारी ने पत्नी संग भौतिक जीवन की विलासिता छोड़ने का फैसला किया है। वे बाकी की जिंदगी संन्यासी बनकर बिताना चाहते हैं। इस फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया है। भावेश बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के बिजनेस से जुड़े हुए हैं। उनका कारोबार साबरकांठा से अहमदाबाद तक फैला हुआ है।
पहले बेटे और बेटी ने लिया था सन्यास
साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर में धूमधाम से चार किलोमीटर लंबी एक शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान सन्यास ग्रहण करने जा रहे भावेश भाई भंडारी और उनकी पत्नी ने अपनी 200 करोड़ रु. की संपत्ति दान में दे दी। उन्होंने अचानक कारोबारी से दीक्षार्थी बनने का फैसला किया है। बता दें कि दो साल पहले भावेश के बेटे और बेटी ने भी सन्यास ले लिया था। दोनों भाई-बहन ने संयमित जीवन जीने का फैसला किया है। अपने बेटे और बेटी से प्रेरित होकर, भावेश भाई और उनकी पत्नी ने भिक्षु बनने का फैसला किया है।








