बरेली जिले की एक अदालत ने 2010 में हुए दंगों के आरोपी इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के खिलाफ सोमवार को गैर जमानती वारंट जारी किया।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुनीति पाठक ने बताया कि खान के खिलाफ अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एडीजे) प्रथम (त्वरित अदालत) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
अदालत ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ-प्रथम) संदीप सिंह को 13 मार्च तक नोटिस तामील करवाकर खान को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।
अदालत ने इसके पहले नोटिस तामील कराने में असफल रहे प्रेमनगर के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) आशुतोष रघुवंशी के खिलाफ दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) घुले सुशील चंद्रभान को आदेश दिया है।
आदेश की प्रति बरेली परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी रेंज) डॉ. राकेश सिंह को भी भेजी गयी है।
पाठक ने बताया कि आईएमसी प्रमुख खान को 2010 के बरेली दंगे का मुख्य आरोपी मानते हुए एडीजे प्रथम की अदालत ने सोमवार 11 मार्च को तलब किया था और नोटिस तामील कराने का आदेश एसएचओ प्रेम नगर आशुतोष रघुवंशी को दिया था, लेकिन उन्होंने खान के न मिलने की वजह से नोटिस तामील नहीं कराया और इसे उनके घर पर चस्पा भी नहीं किया।
पाठक के मुताबिक, इसपर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि दस दिन पहले तक खान बरेली पुलिस के लिए चुनौती बने हुए थे और पांच मार्च को नोटिस जारी कर उन्हें 11 मार्च को तलब करने के लिए कहा गया तो पुलिस खान को ढूंढ नहीं पा रही है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दंगे के मुख्य ‘मास्टरमाइंड’ तौकीर को पुलिस द्वारा ढूंढ न पाने से साफ जाहिर है कि पुलिस खान का सहयोग कर रही है और इसी वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।


