संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारतीय मूल के सदस्य बड़ी संख्या में अबू धाबी में बुधवार को पहले हिंदू मंदिर के उद्घाटन समारोह में परंपरागत परिधानों में शामिल हुए।
परंपरागत महाराष्ट्रीय साड़ी पहने मोक्षा रांगणेकर ने मंदिर में नृत्य करते हुए प्रवेश किया। उनके साथ उनके राज्य के लोग भी थे। यूएई में 32 वर्ष से रह रहीं रांगणेकर ने ‘कहा, ‘‘अब हमारे गणपति का मंदिर यहां भी है। यह हमारे लिए इस साल गणपति महोत्सव जल्दी आयोजित होने की तरह है। हम वर्षों से इसका इंतजार कर रहे थे।’’
ओड़िया समुदाय के लोगों के लिए भी मंदिर विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह यूएई का पहला मंदिर है जिसमें भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा है।
यहां एक तेल और गैस कंपनी के लिए काम करने वाले कार्तिक सिंह ने कहा, ‘‘यूएई के दूसरे हिस्सों में भी मंदिर हैं लेकिन भगवान जगन्नाथ की कोई प्रतिमा नहीं है। यह हमारे लिए अद्भुत क्षण है।
बांग्ला भाषी परिवारों की महिलाओं ने मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर ‘धूनी नाच’ किया।
पेशे से इंजीनियर स्तुप्ता दास ने कहा, जब हम मां दुर्गा का स्वागत करते हैं तो यह नृत्य करते हैं। आज हम अपने भगवान का आह्वान उस धरती पर कर रहे हैं जिसे अब हम अपना घर कहते हैं।
तमिलनाडु के बच्चों ने परंपरागत मुंडू पहनकर मंदिर के कार्यक्रम में भाग लिया। साल 2022 तक यूएई में रहीं बेंगलुरु की बी गायत्री प्रकाश समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से भारत से यहां आई हैं।


