नोएडा, गौतमबुद्ध नगर जिले के एच्क्षर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के कई खाताधारकों की सावधि जमा (एफडी)राशि कथित तौर पर विधिक अनुमति के बिना अधिकारियों द्वारा दूसरे खातों में अंतरित किये जाने का मामला सामने आया है।
पुलिस ने बताया कि इस संबंध में श्री चंद नामक एक व्यक्ति ने ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि शिकायतकर्ता ने बुधवार को थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उसने तथा कई अन्य लोगों ने एच्क्षर गांव स्थित पीएनबी की शाखा में एफडी कराई थी जबकि कुछ लोगों ने अपने-अपने बचत खाते में राशि जमा की थी।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक अधिकारी और कर्मचारियों ने मिली भगत करके खाताधारकों की जानकारी के बिना एफडी एवं खाते में जमा राशि दूसरे के खाते में अंतरित कर दी।
उन्होंने बताया कि शिकायत के मुताबिक एक खाताधारक की मां संतोष के खाते में 1.18 करोड रुपये थे, लेकिन अब उनके खाते में शून्य राशि है। मिश्रा ने बताया कि तहरीर के मुताबिक एक पीड़ित के खाते में 1. 38 लाख रुपये थे लेकिन अब ‘जीरो बैलेंस’ दिख रहा है।
ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने बताया कि उनके खाते से 25 लाख रुपये किसी और के खाते में अंतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि किसी अन्य के खाते में रकम गई है। रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन रकम वापस नहीं आई।
बिरौडी गांव निवासी गौतम ने दावा किया कि उनके पिता के खाते में 94 लाख थे, लेकिन वह पैसा निकालने गए तो पता चला कि रकम उनके खाते में नहीं है।
कई खाताधारकों के मुताबिक मुआवजे के रूप में मिली रकम उन्होंने पीएनबी बैंक में जमा कराई थी।इस बीच, बड़ी संख्या में लोग बुधवार सुबह बैंक शाखा के सामने एकत्र हुए और मामले में संलिप्त बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की।
वही बैंक के ‘लीड मैनेजर’ विनोद कुमार ने बताया कि बैंक की भ्रष्टाचार रोधी टीम से प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन बैंक प्रबंधक और कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, उन्हें निलंबित कर दिया गया है। कुमार ने दावा किया कि बैंक की ओर से तीन से चार दिन में रकम वापसी कराई जाएगी।