मुंबई, सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को बताया कि 30 सितंबर को समाप्त चालू वित्तवर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 21 प्रतिशत बढ़कर 1,469 करोड़ रुपये हो गया। मुख्य आय में सुधार और खराब परिसंपत्तियों में कमी से बैंक को मुनाफा अर्जित करने में मदद मिली।
बैंक ने पिछले वित्तवर्ष की इसी अवधि में 1,324 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शेयर बाजार को बताया कि चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 11,737 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 10,212 करोड़ रुपये थी।
सितंबर तिमाही में बैंक की ब्याज आय बढ़कर 10,357 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में यह 8,743 करोड़ रुपये थी।
चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 26 प्रतिशत बढ़कर 4,146 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में 3,283 करोड़ रुपये थी।
परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर, सितंबर 2026 के अंत में बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) घटकर सकल अग्रिमों का 2.39 प्रतिशत रह गईं, जो एक साल पहले 3.01 प्रतिशत थीं।
इसी तरह, शुद्ध एनपीए यानी फंसे हुए कर्ज का अनुपात सितंबर 2026 के अंत में घटकर 0.31 प्रतिशत रह गया, जबकि सितंबर 2025 के अंत में यह 0.48 प्रतिशत था।
हालांकि, समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का प्रावधान बढ़कर 490 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्तवर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 144 करोड़ रुपये था।