लखनऊ, जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल आपराधिक विविध रिट याचिका वापस ले ली गई।
मुख्य आरोपी फरहान अहमद खान की पत्नी अंबरीन सुल्तान ने गोमतीनगर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0437/2026 को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। 12 अक्टूबर 2026 को न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया।
अदालत ने याचिकाकर्ता को कानून के तहत उपलब्ध उचित उपाय अपनाने की स्वतंत्रता भी दी।
मामला जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड में फ्लीट कार्ड के माध्यम से कथित वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा है। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी देवी शंकर सिंह की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच लगभग 90 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी के फ्लीट कार्ड से जुड़े लेनदेन और संबंधित बैंक खातों की जांच इस मामले का प्रमुख हिस्सा है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जीएस एक्सप्रेस की ओर से अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने मुख्य वित्त अधिकारी देवी शंकर सिंह का पक्ष रखा। अदालत के आदेश के अनुसार, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कुछ देर बहस के बाद याचिका पर आगे जोर न देने की बात कही और उसे वापस लेने का अनुरोध किया। इसके बाद अदालत ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया।
कंपनी की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, कथित वित्तीय गड़बड़ी से संबंधित धनराशि के लेनदेन और बैंक खातों की भूमिका की जांच की जानी है।
हालांकि, हाईकोर्ट के उपलब्ध आदेश में इन आरोपों की सत्यता पर कोई अंतिम निष्कर्ष दर्ज नहीं है। अदालत ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए कानून के तहत उपलब्ध उचित उपाय अपनाने की छूट दी है।
इस मामले में आगे की स्थिति जांच और संबंधित कानूनी कार्यवाही पर निर्भर करेगी। याचिका वापस लिए जाने को आरोपों की न्यायिक पुष्टि या मामले के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।