राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक ‘Understanding Society: India and Beyond – Part 2’ में भारत के आधुनिक संस्थानों के ध्येय वाक्यों को उनके प्राचीन भारतीय स्रोतों से जोड़ा गया है।
पुस्तक को 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया और यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के तहत कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलाव का हिस्सा है।
पुस्तक के ‘शासन और सार्वजनिक नीति’ अध्याय में बताया गया है कि भारत का राष्ट्रीय ध्येय वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ मुंडक उपनिषद से लिया गया है। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय के ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ को महाभारत से जोड़ा गया है। पुस्तक में इन वाक्यों को भारतीय संस्थानों के मूल्यों और आदर्शों से संबंधित बताया गया है।
पाठ्यपुस्तक के अनुसार, स्वतंत्रता के बाद भारतीय संस्थानों ने शासन से जुड़े पारंपरिक विचारों और मूल्यों को आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप अपनाने का प्रयास किया। इसी संदर्भ में ‘सत्यमेव जयते’ को राष्ट्रीय ध्येय वाक्य के रूप में अपनाए जाने का उल्लेख किया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय के ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ का अर्थ पुस्तक में धर्म यानी सदाचार और कर्तव्य से जोड़ते हुए बताया गया है कि जहां धर्म है, वहीं विजय है।
यह पुस्तक कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम के व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है। NCERT के नए पाठ्यक्रम में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र सहित सामाजिक विज्ञान के विभिन्न विषयों को एक व्यापक ढांचे में प्रस्तुत किया गया है।
NCERT ने नई कक्षा 9 की किताबों को 29 सितंबर से अपने अधिकृत बिक्री माध्यमों और ऑनलाइन पाठ्यपुस्तक मंच के जरिए उपलब्ध कराया है।
नई पुस्तक में भारतीय इतिहास और समाज से जुड़े अन्य विषयों को भी शामिल किया गया है। इसके इतिहास संबंधी हिस्से में मध्यकालीन भारत के इतिहास को ‘Resistance and Resilience’ यानी ‘प्रतिरोध और दृढ़ता’ जैसे विषय के तहत प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है।