सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट पर होने वाले चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशियों की भी घोषणा की।
उन्होंने मिर्जापुर-बनारस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लाल बिहारी यादव, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सुशील कुमार, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता, गोरखपुर-फैजाबाद से कमलेश यादव, मुरादाबाद-बरेली से दानिश अख्तर और मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. नितिन तोमर को उम्मीदवार बनाया।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह, आगरा से शशांक यादव, मेरठ से परमिंदर भाटी और लखनऊ खंड से कांति सिंह को प्रत्याशी घोषित किया गया।
यादव ने सभी प्रत्याशियों के लिए सहयोग की अपील करते हुए उनकी जीत का दावा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘2027 के विधानसभा चुनाव के बाद सपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी और इसके लिए आवश्यक वित्तीय प्रबंधन भी किया जाएगा।
यादव ने कहा कि इसे 2022 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में शामिल किया गया था और आगामी घोषणापत्र में भी इसे शामिल किया जाएगा।
उन्होंने भाजपा सरकार पर नफरत फैलाने, समाज में खाई पैदा करने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने मदरसों के साथ भेदभाव किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘सपा की सरकार बनने पर मदरसों से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, आधुनिक मदरसे बनाए जाएंगे, शिक्षकों का वेतन बहाल किया जाएगा और बकाया वेतन का भी भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।