मथुरा के जिला एवं सत्र न्यायालय ने वर्ष 2014 में अपनी सास की हत्या के मामले में आरोपी बहू सीता वर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी महिला पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला पर आरोप था कि उसने मकान पर कब्जे के विवाद को लेकर अपनी सास सावित्री देवी की हत्या की थी। वहीं, मामले में आरोपी उसके कथित साथी विनय को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर के मुताबिक, जिला न्यायाधीश विकास कुमार ने बृहस्पतिवार को मामले में फैसला सुनाया। मामला गोविंद नगर थाना क्षेत्र की गली पातीराम और चामुंडा कॉलोनी से जुड़ा है।
अभियोजन के अनुसार, राजस्थान के धौलपुर निवासी अशोक वर्मा ने 7 दिसंबर 2014 को अपनी सास सावित्री देवी की हत्या के संबंध में गोविंद नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सावित्री देवी सेवानिवृत्त शिक्षिका थीं और उनका मथुरा स्थित मकान उनके बेटे आदित्य वर्मा और उनके नाम पर था। मकान को लेकर सावित्री देवी और आदित्य के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के समय आदित्य की दूसरी पत्नी सीता वर्मा मकान में रह रही थी।
बताया गया कि 7 दिसंबर 2014 को सावित्री देवी की नातिन आध्या उनसे मिलने पहुंची तो उन्होंने सावित्री देवी को कुर्सी पर खून से लथपथ पाया। पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
अभियोजन के अनुसार, जांच में सीता वर्मा की भूमिका सामने आई और पुलिस ने उसे तथा विनय को गिरफ्तार कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सीता वर्मा को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, उसके कथित साथी विनय को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।