मुंबई, खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की कड़ी कार्रवाई के बाद मशहूर ‘ओल्ड मोंक’ (Old Monk) रम बनाने वाली कंपनी मोहन मीकिन (Mohan Meakin) ने अपनी शराब की बोतलों के लेबल में बड़ा बदलाव करने पर सहमति व्यक्त की है।
FSSAI द्वारा महाराष्ट्र में बिक्री पर रोक (स्टॉप-सेल) का नोटिस जारी किए जाने के बाद कंपनी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत से तुरंत कोई अंतरिम राहत न मिलने के बाद कंपनी ने FSSAI के मानकों के अनुसार नए लेबल पेश करने का फैसला किया है।
FSSAI ने अदालत में दलील दी थी कि ओल्ड मोंक में पारंपरिक रूप से प्राकृतिक रूप से किण्वित (fermented) गन्ना स्पिरिट के बजाय बड़े पैमाने पर न्यूट्रल स्पिरिट और ऊपर से कृत्रिम स्वाद (Artificial Flavours) मिलाया जा रहा था।
इसके अलावा नियामक ने बोतल पर लिखे ‘7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड’ (7 Years Old Blended) के दावे पर भी कड़ा ऐतराज जताया था और इसे उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला बताया था।
महाराष्ट्र में ठप पड़ी बिक्री के गतिरोध को समाप्त करने के लिए मोहन मीकिन ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष अपनी सहमति जताई कि वह भविष्य में बनने वाली बोतलों से ‘एजिंग’ (पुराने होने) के सभी दावों को हटा देगी।
इसके साथ ही बोतल के अगले हिस्से पर प्रमुखता से ‘ऐडेड फ्लेवर’ (Added Flavours) लिखा जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को उत्पाद की सही जानकारी मिल सके।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने FSSAI द्वारा लगाए गए बिक्री प्रतिबंध के आदेश पर कोई अंतरिम रोक (Interim Stay) लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने शराब निर्माता कंपनी को समीक्षा के लिए सितंबर में नए डिजाइन किए गए लेबल का नमूना जमा करने का निर्देश दिया है।
अदालत और FSSAI द्वारा नए लेबल की समीक्षा और स्वीकृति मिलने के बाद ही बाजार में नई बोतलों की आपूर्ति बहाल हो सकेगी।