बलिया जिले के बांसडीह रोड क्षेत्र में सरकारी नौकरी का झांसा देकर फर्जी संस्था के जरिए चार हजार से अधिक लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के आरोप में 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के परसूपुर गांव के निवासी राजेश कुमार कन्नौजिया की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि तिखमपुर स्थित लघु उद्योग विकास परिषद, उज्ज्वला शिक्षा मिशन और औद्योगिक, प्रशिक्षण महिला विकास योजना के निदेशक वेद प्रकाश तिवारी, उसके पिता और संस्था के मालिक अक्षयवर तिवारी और भाई प्रखंड निदेशक चंद्र प्रकाश तिवारी सहित आठ नामजद और पांच अज्ञात लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार तहरीर में शिकायत की गई है कि आरोपी तिखमपुर गांव में एक किराये के मकान में लघु उद्योग विकास परिषद, उज्ज्वला शिक्षा मिशन और औद्योगिक, प्रशिक्षण महिला विकास योजना चलाते थे और उन्होंने यह झूठा प्रचार किया था कि सरकार की तरफ से हर गांव में विभिन्न पदों पर दो-दो लोगों की नियुक्ति की जानी है।
सूत्रों के मुताबिक बुधवार को दर्ज किए गए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने लोगों से कहा कि इस नौकरी के लिए सुरक्षा धनराशि के रूप में 40 हजार रुपए जमा करने होंगे और नियुक्त होने वाले कर्मी को सरकार की तरफ से प्रति माह 15 हजार रुपए वेतन मिलेगा।
दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक कन्नौजिया का आरोप है कि आरोपियों के झांसे और प्रलोभन में आकर उसने और उसके गांव के चार हजार से अधिक लोगों ने सुरक्षा धनराशि के रूप में 40-40 हजार रुपए यानी करीब 16 करोड़ रुपये जमा कर दिये।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने धनराशि जमा करने वाले सभी लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया और उनसे ‘ड्यूटी’ भी करायी और कुछ दिनों बाद आरोपी अपना कार्यालय बंद करके फरार हो गये।
थाना प्रभारी वंश बहादुर सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।










