शाहजहांपुर में पार्षदों द्वारा कथित तौर पर भ्रष्टाचार से प्राप्त धनराशि को आपस में बांटने की शपथ लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए।
सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रसारित वीडियो में कई लोग हाथ में जल लेकर शपथ लेते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में एक व्यक्ति शपथ दिला रहा है और अन्य लोग उसके पीछे दोहरा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शपथ लेने वाले लोग नगर निगम के पार्षद हैं।
हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और इसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।
वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि नगर निगम को होने वाली आय को सभी 60 पार्षदों के बीच बराबर-बराबर बांटा जाएगा।
वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते हुए भी सुना गया कि समूह के किसी सदस्य के सामने कोई परेशानी आने पर सभी एकजुट होकर उसका साथ देंगे।
वीडियो में ‘गद्दार’ बताए जाने वाले किसी व्यक्ति की मां के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।वीडियो के प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया पर नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
कुछ पोस्ट में पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं और सवाल उठाया गया कि तीन साल पहले तक एक मकान के मालिक रहे पार्षद के पास अब कथित तौर पर कई मकान और महंगी गाड़ियां कैसे हैं।
नगर आयुक्त सौम्या गुरु रानी ने बताया कि वायरल वीडियो नवंबर 2025 का बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उस समय नगर आयुक्त कोई अन्य अधिकारी थे लेकिन मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश: जिला शाहजहांपुर में नगर निगम पार्षदों ने हाथ में गंगाजल लेकर कसम खाई कि भ्रष्टाचार की कमाई का पूरी ईमानदारी से बंटवारा होगा !! pic.twitter.com/y3Ni6c0VsE
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 25, 2026









