कन्नौज जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक मामूली सड़क हादसे ने कथित तौर पर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा कर दिया। तेज रफ्तार कार के पुलिस वाहन से टकराने के बाद हुई तलाशी में करीब 10 किलोग्राम सोना बरामद हुआ है, जिसकी कीमत 15 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, तालग्राम थाना क्षेत्र में देर रात सकरावा थानाध्यक्ष की सरकारी जीप में पीछे से आ रही तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने टक्कर मार दी। हादसे में पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे, लेकिन कार की गतिविधियों और उसमें सवार लोगों के व्यवहार पर पुलिस को शक हुआ।
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें से सोने की 10 बड़ी ईंटें बरामद हुईं। बरामद सोने का कुल वजन करीब 10.026 किलोग्राम बताया गया है। सोना 24 कैरेट का होने और उसकी कीमत 15 करोड़ रुपये से अधिक होने की बात सामने आई है।
मामले में पकड़े गए आरोपियों की पहचान महाराजगंज जिले के ठूठीबारी क्षेत्र निवासी संदीप जायसवाल और नेपाल के पाल्पा जिले के हुंगी गांव निवासी सरोज पंथ के रूप में बताई गई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। बरामद सोने की जांच और आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को भी सूचना दी गई।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि सोने की खेप गोरखपुर से दिल्ली पहुंचाई जा रही थी। आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें गोरखपुर के एक होटल से सोना मिला था और दिल्ली पहुंचने के बाद उसे किस व्यक्ति को सौंपना है, इसकी जानकारी उन्हें आगे दी जानी थी। तस्करी के लिए कोड वर्ड और पूर्व निर्धारित रूट का इस्तेमाल किए जाने की भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि कार सवार आरोपी गोरखपुर से दिल्ली की ओर बढ़ते हुए कई जिलों को पार कर चुके थे, लेकिन कन्नौज में पुलिस वाहन से हुई टक्कर ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
घटना की सूचना के बाद कस्टम विभाग के अधिकारी भी जांच में जुट गए हैं। बरामद सोने की प्रामाणिकता, उसके स्रोत और संभावित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस और कस्टम विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि सोना नेपाल या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से भारत में पहुंचाया गया था या नहीं।
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि गोरखपुर से दिल्ली तक सोने की खेप पहुंचाने वाले इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।










