अयोध्या स्थित ग्रामर्षि अकादमी इंटरनेशनल की भूमि को लेकर उठे विवाद पर संस्थान की प्रबंधक डॉ. अंजू पांडे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
उन्होंने बताया कि संबंधित जमीन वर्ष 2013 से पूरी तरह से ग्रामर्षि अकादमी इंटरनेशनल के नाम पर पंजीकृत है और इसके सभी वैध दस्तावेज संस्था के पास उपलब्ध हैं।
डॉ. अंजू पांडे के अनुसार, इस जमीन को वर्ष 2013 में छात्रावास निर्माण के उद्देश्य से बाकायदा बैनामा कराकर खरीदा गया था। सरकारी और राजस्व अभिलेखों में भी यह भूमि स्कूल के नाम ही दर्ज है। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस भूमि पर पुश्तैनी अधिकार का दावा करना पूरी तरह से आधारहीन और बेबुनियाद है।
प्रबंधक ने पंकज सिंह नामक व्यक्ति पर भ्रामक व झूठे तथ्यों का सहारा लेकर पूर्व सांसद व पूर्व एमएलसी हरिओम पांडे और उनके परिवार की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विवादित गाटा संख्या से जुड़े दस्तावेज पूरी तरह साफ और स्पष्ट हैं। पहले भूमि के एक हिस्से पर खेती की गई, फिर वहां अवैध निर्माण कर अब उसे पुराना व पुश्तैनी मकान बताकर हड़पने की कोशिश की जा रही है।
डॉ. अंजू पांडे ने स्पष्ट किया कि भूमि के स्वामित्व का फैसला राजनीतिक या भावनात्मक बयानों से नहीं, बल्कि राजस्व अभिलेखों और कानूनी कागजातों के आधार पर होता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले में सरकारी रिकॉर्ड्स के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
वहीं, विधिक सलाहकार (लीगल एडवाइजर) रामकुमार पांडे ने चेतावनी दी है कि झूठे और भ्रामक आरोप लगाकर पूर्व सांसद व उनके परिवार को बदनाम करने वाले लोगों और संगठनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है और जल्द ही मानहानि व संबंधित धाराओं में वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।










