कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया और आरोप लगाया कि मंत्री ने अपने बयान से सदन को गुमराह किया, जो विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का मामला बनता है।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि वह केंद्रीय मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करें।
लोकसभा अध्यक्ष को दिए नोटिस में वेणुगोपाल ने लोकसभा के नियम एवं कार्य संचालन के नियम 222 के तहत विशेषाधिकार का प्रश्न उठाया है।
उनके मुताबिक, जितेंद्र सिंह ने बीते 29 जुलाई को अपराह्न तीन बजे लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के अपने जवाब में कहा था कि ‘‘बार-बार यह स्पष्ट किया गया कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गोली चली ही नहीं, केवल आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। जब गोली चली ही नहीं तो आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता।
वेणुगोपाल ने दावा किया कि मंत्री का यह बयान ‘‘जमीनी तथ्यों के प्रतिकूल’’ है। उनका कहना है कि संबंधित घटना में गोली चली थी और घायल व्यक्ति का अब भी उपचार हो रहा है।
कांग्रेस नेता ने नोटिस में आरोप लगाया कि मंत्री ने जानबूझकर गलत जानकारी दी और सदन को गुमराह किया।
उन्होंने कहा कि किसी मंत्री द्वारा सदन को गुमराह करना विशेषाधिकार का हनन माना जाता है और मंत्री का दायित्व है कि वह सदन के पटल पर तथ्य रखने से पहले उनकी पुष्टि करे।
वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इस मामले में विशेषाधिकार की कार्यवाही शुरू की जाए तथा मामले को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए।










