चेन्नई पुलिस ने हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में फर्जी तरीके से प्राप्त पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके अवैध रूप से मत डालने के आरोप में चार महिलाओं समेत 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 अप्रैल को हुए चुनावों के बाद देश छोड़ने की कोशिश करते समय चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने इन व्यक्तियों को रोक लिया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जांच से पता चला है कि विदेशी नागरिकता होने और भारतीय नागरिक न होने के बावजूद, आरोपियों ने कथित तौर पर अवैध रूप से मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास किया था।
बताया गया है कि एयरपोर्ट पर जांच के दौरान इन लोगों के हाथ में वोटिंग वाली स्याही लगी हुई थी। इसी से अधिकारियों को शक हुआ और उन्हें रोका गया। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो मूल रूप से भारत के हैं लेकिन अब वे दूसरे देशों की नागरिकता ले चुके हैं लेकिन वे भी वोट डालने के आरोप में पकड़े गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तरह के लोगों का कहना है कि उनके पास वोटर आईडी है और लिस्ट से उनका नाम कभी कटा ही नहीं इसलिए उन्होंने वोट भी डाल दिए। आरोप है कि ये लोग वोट डालने के मकसद से ही भारत आए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में कुछ आरोपी श्रीलंका के भी हैं। इन पर पेरांबुर विधानसभा सीट पर वोट डालने का आरोप है। यह वही सीट है जहां से मुख्यमंत्री जोसेफ विजय चुनाव जीते हैं।
इसके अलावा, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के कुछ आरोपी भी हैं और इनके पास संबंधित देशों के पासपोर्ट भी हैं। आरोप है कि इन लोगों ने अलग-अलग विधानसभाओं में वोट डाले और वोटिंग के तुरंत बाद अपने-अपने देश लौटने की तैयारी में थे।
आव्रजन अधिकारियों द्वारा ग्रेटर चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बाद, केंद्रीय अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस इकाइयों द्वारा सात से 14 मई के बीच मामले दर्ज किए गए।
बयान में कहा गया है कि सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए अदालत में पेश किया गया।

