राउरकेला से अयोध्या के लिए श्रीराम स्वर्ण धनुष यात्रा शुरू हो गई। यह 286 किलो का पंचधातु से निर्मित धनुष 22 जनवरी को रामलला के चरणों में समर्पित किया जाएगा।
भगवान श्रीराम जन्मभूमि की तीर्थ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। जल्द ही भक्तों को कर्नाटक से आई भगवान राम की स्वर्ण और रत्न जड़ित प्रतिमा के साथ ओडिशा के स्वर्ण धनुष के दर्शन होंगे।
लाखों भक्तों ने श्रीराम स्वर्ण धनुष यात्रा के अवसर पर राउरकेला के हनुमान वाटिका से 286 किलोग्राम के विशाल स्वर्ण धनुष को अयोध्या के लिए रवाना किया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय समेत कई गणमान्य मौजूद थे।
श्रीराम धनुष यात्रा 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी और उसके बाद रामलला के चरणों में समर्पित की जाएगी।
इस धनुष का निर्माण सोना, चांदी, जिंक, लोहा और एल्युमिनियम की पंचधातु से किया गया है। तमिलनाडु के कांचीपुरम से आए 40 कारीगरों ने इसे आठ महीने की मेहनत से तैयार किया है। धनुष की लंबाई 8 फीट और ऊंचाई 3 फीट है। निर्माण में 986 ग्राम सोना और 2.5 किलोग्राम चांदी का उपयोग किया गया।




