पटना, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि भाई तेजस्वी यादव के कुछ सहयोगी उनके बारे में कह रहे हैं कि ‘‘मैंने अपने पिता को गंदी किडनी’’ दी और इसके बदले करोड़ों रुपये व पार्टी का टिकट लिया।
आचार्य ने भावुक होते हुए ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि ‘‘किसी घर रोहिणी जैसी बेटी न हो।
आचार्य ने ‘‘राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने’’ की घोषणा के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली। हाल में हुए बिहार चुनाव में राजद की हार के लिए रोहिणी ने अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों, हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले राजद सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमीज, को जिम्मेदार ठहराया था।
कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूँ और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी , करोड़ों रूपए लिए , टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी .. सभी बेटी – बहन , जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा – भाई हो , तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 16, 2025
पिछले साल के आम चुनावों में सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाली आचार्य ने कहा, ‘‘कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया…।
एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकीं रोहिणी ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने हाल में हुए चुनावों में पार्टी की हार के लिए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। राजद को 243-सदस्यीय बिहार विधानसभा में केवल 25 सीट मिलीं।
रोहिणी ने ‘‘संजय और रमीज’’ के बारे में भी कड़वी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि ये दोनों खुद को “चाणक्य” जैसा बड़ा रणनीतिकार समझते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की बातों को बिल्कुल महत्व नहीं देते।
तेजस्वी और संजय यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सभी बेटी-बहन, जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो, तो भूलकर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं। अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोलें कि वह अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे।
रोहिणी ने कहा, ‘‘…मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली। अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वह कर दिया, जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती कभी न करें। किसी घर रोहिणी जैसी बेटी (पैदा) न हो।
एक अन्य पोस्ट में लालू प्रसाद की बेटी ने आरोप लगाया, ‘‘कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया… मारने के लिए चप्पल (भी) उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी…।
कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक माँ को जलील किया गया , गंदी गालियाँ दी गयीं , मारने के लिए चप्पल उठाया गया , मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी ..
कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए…— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 16, 2025
उन्होंने कहा, ‘‘कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आयी, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया.. मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी न चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा न हो।’’
रोहिणी अपने बयानों में तेजस्वी के एक और करीबी सहयोगी रमीज को भी निशाने पर ले रही हैं। कहा जाता है कि रमीज पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं।
आचार्य ने एक सोशल मीडिया पोस्ट भी साझा की, जिसमें रमीज को “अपराधी मानसिकता वाला गैंगस्टर, हत्या के मामले का आरोपी और संजय यादव का दोस्त” बताया गया है।
आचार्य के बयानों पर प्रसाद के परिवार के किसी भी सदस्य ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री एवं राजद प्रमुख के पूर्व करीबी सहयोगी जीतन राम मांझी के बेटे राज्य मंत्री संतोष कुमार सुमन ने दावा किया कि उन्हें ‘‘काफी समय से पता था कि उस परिवार में सब कुछ ठीक नहीं है’’।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख सुमन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘जो अब तक केवल धुआं था, वह अब धधकती आग बन गया है और बम की तरह फट रहा है। उस परिवार के हर सदस्य की महत्वाकांक्षा बहुत ऊंची है और सब एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। तेज प्रताप के मामले में हमने देखा है कि क्या हुआ था।’
राजद प्रमुख के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को कुछ महीने पहले उनके पिता ने पार्टी से निकाल दिया था। इसके तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम से एक नया संगठन बनाया है, जिसे हाल के चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा।
तेज प्रताप यादव भी अपने पिता की पार्टी और परिवार में जारी टकराव के लिए संजय यादव को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं, जिन्हें वह हमेशा ‘जयचंद’ कहते हैं।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने हाल के चुनावों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए जिन छह सीट पर चुनाव लड़ा था, उनमें से पांच पर जीत हासिल की है। इसने सिकंदरा के विधायक प्रफुल्ल मांझी को अपना विधायक दल का नेता चुना है।
सुमन ने तेजस्वी यादव को सलाह देते हुए कहा, “थोड़ी संवेदनशीलता लाएं, तभी वे लोगों का नेता बनने का सपना देख सकते हैं। लगता है कि पार्टी की हार के लिए उन्हें दोषी ठहराया गया है और उन्होंने उसी गुस्से में प्रतिक्रिया दी है। किसी बेटी और बहन को अपने ही घर में अपमानित होते देखना बहुत दुखद है।
पिछले विधानसभा चुनाव में 70 से अधिक सीट के साथ सबसे बड़ा दल ‘राजद’ इस बार के चुनावों में मात्र 25 सीट पर सिमट गया। इन चुनाव में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।




